ठहरिए, शमशान में वेटिंग चल रही है.

देश में 24 घंटे के भीतर 2 लाख से अधिक नए मामले सामने आ गए हैं. 5 अप्रैल को एक लाख से अधिक मामले कोरोना के सामने आए थे, जोकि खुद में वो आंकड़ा था जो भारत में पहली बार देखने को मिला था और आज तो 2 लाख का आंकड़ा छूना साफ दर्शाता है कि देश में स्थिति कितनी बयावह है. देश में कोरोना की रफ्तार बिना ब्रेक की गाड़ी की तरह बेकाबू हो चुकी है. कल भी एक हजार से अधिक मौत हुई थीं और आज लगातार दूसरे दिन भी मौत का आंकड़ा एक हजार पार कर गया है.

दिल्ली हो या महाराष्ट्र देश के कई राज्यों में एक मामला और सामने आ रहा है और वो है शमशान घाट पर बॉडी के अंतिम संस्कार के लिए वेंटिंग का. जी हां, पिछले चार दिनों में राजधानी दिल्ली में अकेले 240 मौतें हुईं हैं, जिससे श्मशान और कब्रिस्तान दोनों जगहों पर अंतिम संस्कार के लिए भीड़ लगी हुई है। दिल्ली के आईटीओ पर सबसे बड़े कोविड कब्रिस्तान में शवों को दफनाने के लिए जमीन कम पड़ने लगी है, वहीं, श्मशान घाटों पर चिताएं बुझने का नाम नहीं ले रही हैं। निगमबोध घाट का आलम ये है कि शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों को कई घटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। यहां एक साथ चार चिताएं जल रही हैं, और पांचवी जलने के लिए इंतजार में हैं। निगमबोध घाट के पार्किंग में कई एंबुलेंस खड़ी थी, जिसमें कोरोना से मरे लोगों के शव एंबुलेंस में थे. यह तस्वीर इतनी बयावह है कि आप सुन भी रहे होंगे तो आपका मन विचलित हो रहा होगा.

उत्तरप्रदेश की बात करें, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ साथ मुख्यमंत्री दफ्तर के कई लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

आलम ये है कि कोरोना की यह दूसरी लहर उत्तरप्रदेश में भी खतरनाक स्तर पर धीरे धीरे पहुंच रही है, जबकि पिछली बार उत्तरप्रदेश ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अच्छा प्रदर्शन किया था. अप्रैल में हर दिन एक नया आंकड़ा सामने आ रहा है. 24 घंटे में 20,510 नए केस सामने आए हैं. एक्टिव केस के मामले में महाराष्ट्र के बाद यूपी दूसरे नंबर पर है। उत्तरप्रदेश के प्रदेश में अब 41 जिलों में 500 से ज्यादा मरीज हैं।

इसलिए आपसे हम बार बार विनती कर रहे हैं कि मास्क सही ढंग से लगाएं. 2 मीटर की दूरी बनाए रखें और हाथ बार बार धोते रहें. ज्यादा ही जरूरी काम है, तो ही घर से बाहर निकलें.

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