Naxal Attack || कभी Bus-Ambulance उड़ा दी, तो कभी बारुदी सुरंग से हमला || Bijapur Encounter

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आर्मी के आपरेशन के दौरान मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 7 जवान लापता हैं. इसके अलावा 31 जवान घायल हो गए हैं. घात लगाकर किए गए इस हमले में हमारे जवानों ने भी 25 नक्सलियों को उपर वाले के हवाले कर दिया है.

हालांकि, ऐसा पहली बार देश में नहीं हुआ है. बड़ी बड़ी यूनि​वर्सिटी में बैठे वामपंथी छात्र नेताओं और जन नेताओं की पनाह और छत्रछाया की वजह से ऐसे कई हमले जवानों पर हो चुके हैं. इस हमलों के बाद हमेशा इन्हें अपना ही बताकर अभी तक की सरकारों ने बख्श दिया और जवानों के घरों में चंद पैसा पहुंचाकर मामले रफा दफा कर दिए गए. लेकिन जिसका एक ही है और वही चला जाए, दुख उसका सत्ता में बैठी सरकारें शायद ही समझ पाएं. खैर, आपको हम बताते हैं कि देश में ऐसे नक्सली हमले कब कब हुए और उनमें कितने जवान शहीद हुए. आइए, विस्तार से बताते हैं.

15 मार्च 2007 को बीजापुर जिले में जवानों के एक कैंप पर नक्सलियों ने हमला किया था. इस हमले में हमारे 55 जवान शहीद हुए थे. ऐसे ही 9 जुलाई 2007 के दिन एर्राबोर के उरपलमेटा में सीआरपीएफ और ज़िला पुलिस बल पर इन नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें 23 जवान मारे गए थे. यह सभी जवान माओवादियों की तलाश में गए थे और वापस बेस कैंप लौट रहे थे.

12 जुलाई, 2009. इस दिन विनोद कुमार चौबे नाम के एक पुलिस अधीक्षक को मानपुर इलाके में माओवादियों के हमले की सूचना मिली थी, जहां उनके पहुंचने पर विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिसकर्मियों पर घातक हमला किया गया, जिसमें इन सभी की जान चली गई.

देश की सीमाओं में रहते हुए भी इन माओवादियों, नक्सलियों को कौन पनाह दे रहा है. यह किसी से छुपी बात नहीं है. 06 अप्रैल, 2010 को सुकमा के ताड़मेटला में सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। इसमें 76 जवान शहीद हो गए थे।

ऐसे ही दंतेवाड़ा में 17 मई 2010 के दिन बारूदी सुरंग लगा कर हमला किया गया, जिसमें 12 स्पेशल पुलिस फोर्स के जवान समेत 36 लोग मारे गए थे. झीरम में 31 की जान गई, 25 मई 2013 के दिन. 11 मार्च 2014 के दिन सुकमा जिले के टाहकवा़डा में हमला, 15 जवान शहीद हुए.

इसके बाद 12 अप्रैल 2015 के दिन बस्तर जिले के दरभा में एंबुलेंस को उ़़डा दिया. 15 जवान समेत ड्राइवर स्वास्थयकर्मी भी शहीद हो गए थे.

एक हमला 25 अप्रैल को हुआ, जिसमें 25 जवान मारे गए, तो उसके ठीक 6 मई 2017 के दिन हमला किया, जिसमें 14 जवान शहीद हुए. पिछले ही साल 23 मार्च 2020 के दिन सुकमा जिले के मिनपा में जवानों पर हमला हुआ था. इस हमले में 17 जवान शहीद हो गए थे और हाल ही में कल के हमले से कुछ ही दिन पहले 23 मार्च 2021 को नारायणपुर में जवानों की बस को विस्फोट से उड़ा दिया, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए.

क्या इन हमलों की डिटेल सुनकर कोई बता सकता है कि सीमा के भीतर इन माओवादियों नक्सलियों के पास संसाधन कैसे पहुंच रहे हैं, कैसे इनमें जवानों पर हमला करने की हिम्मत आ रही है, कौन हैं, जो इनको संरक्षण दे रहे हैं, कौन हैं जो जवानों के शहीद होने पर तो चुप, लेकिन एक नक्सली मर जाए, तो प्रदर्शन और धरना करने बैठ जाते हैं.

आखिर कौन हैं ये लोग. यही सवाल अगली बार भी पूछेंगे.

 

 

Content Source :

https://www.jagran.com/news/national-major-naxalite-attacks-in-the-country-know-when-and-how-many-naxalite-attacks-carried-out-major-attacks-jagran-special-21529127.html

Leave a reply:

Your email address will not be published.

Site Footer