इस बॉक्सिंग के होते हैं सिर्फ तीन नियम

साउथ अफ्रीका में हर साल क्रिसमस के दिनों में एक ऐसी बॉक्सिंग खेली जाती है, जिसे देखने से ही आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे, इस खेल में सिर्फ तीन नियम फॉलो करने होते हैं. वैसे ये खेल नहीं, बल्कि बेरहम बॉक्सिंग है, जिसमें सामने वाले को चित करना ही लक्ष्य होता है. आइये आपको विस्तार से जानकारी देते हैं.

इस खेल को फाइट क्लब कहा जाता है. इस खेल के सिर्फ तीन नियम होते हैं. पहला नियम है- जब तक लड़ो कि जब तक खून न बहे. इसका दूसरा नियम कहता है – सामने वाले को चित कर दो. और तीसरा और आखिरी नियम कहता है कि सामने वाला जैसे ही हार मान ले, वैसे ही अपने हाथ ऊपर उठा लो.

इस खेल के यह साधारण से तीन नियम अच्छे अच्छे को खेलने से पहले 100 बार सोचने पर मजबूर कर देंगे। इस खेल को साल में एक बार ही आयोजित किया जाता है. यह खेल साउथ अफ्रीका की वेंदा जनजाति द्वारा आयोजित किया जाता है. कहा जाता है कि यह खेल 1800 से हर साल खेला जाता है. दुनिया में ठंड के दिन होते हैं, लेकिन यहां तपती गर्मी होती है, जिसमें यह खेल खेला जाता है. तपती गर्मी के वक़्त इस खेल को खेलने वालों में गर्मी तो होती ही है, साथ ही दर्शकों में भी एक अलग ही गर्मी देखने को मिलती है.

इस खेल में उन्ही को चुना जाता है, जो शारीरिक तौर पर मजबूत होने के साथ साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होते हैं. इस खेल को खेलने के लिए टेक्निक की भी जरूरत होती है. हालांकि, फाइट क्लब में शामिल किया जाने वाले खिलाडियों को पहले खेलने के तौर तरीके भी सिखाये जाते हैं. यह खेल इतना मशहूर है कि यहां खेल को देखने के लिए दुनिया भर से लोग पहुँचते हैं. खेल को एक गोलाकार घेरे में खेला जाता है. यह खेल तीन ग्रुप के बीच होता है. अमूमन खेल की शुरुआत सुबह की पहली किरण के साथ ही शुरू हो जाती है.

 

Content & Image Source : www.dailymail.co.uk

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

Leave a reply:

Your email address will not be published.

Site Footer