Sachin Tendulkar को “क्रिकेट का भगवन” ऐसे ही नहीं कहा जाता।

अब भले ही क्रिकेट में विराट कोहली के नाम का जादू है, लेकिन आज भी सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवन कहा जाता है. जी हाँ, सचिन को यूँ ही नहीं क्रिकेट का भगवन कहा जाता है. सचिन अपना 47 बर्थडे इस साल नहीं मना रहे हैं. इस भगवन का जन्मदिन 24 अप्रैल के दिन आता है. सचिन ने यह फैसला कोरोना से जंग लड़ रहे फर्स्ट लाइन वारियर के सम्मान में लिया है. लेकिन हम आपको इस मौके पर आंकड़ों के जाल में नहीं फ़साना चाहते, बल्कि आपको सचिन से जुड़ी ऐसी बाते बताएंगे जो आपको सुनकर दिलचस्प लगेंगी और आश्चर्य भी करेंगी।

सचिन के करियर से जुडी कई दिलचस्प जानकारी हैं. सचिन ने अपनी क्रिकेट की ज़िन्दगी मात्र 14 साल की उम्र में शुरू कर दी थी. सचिन ने अपनी ज़िन्दगी का पहला रणजी इसी उम्र में खेला था. कहा जाता है कि सचिन तेंदुलकर पहले टेनिस खिलाड़ी बनना चाहते थे, लेकिन कहते हैं न कि जहां का लिखा होगा वहीं का दाना पानी होता है, तो बन गए सचिन क्रिकेट के भगवान.

आप शायद इस बात से भी अनजान होंगे कि क्रिकेट के भगवन सचिन तेंदुलकर पिच पर बैटिंग करने से पहले अपना बांया पैड बांधते हैं. कुछ लोग इसे टोटका भी कहते हैं, जबकि सचिन इसे अपने लिए “पॉजिटिव साइन” कहते हैं.

सचिन ऐसे खिलाडी हैं, जिसने वन डे क्रिकेट में सबसे पहले डबल शतक लगाया है. इसके अलावा सचिन ही ऐसे खिलाडी हैं, जो दुनिया भर के 90 से अधिक मैदानों में खेल चुके हैं.

इसके अलावा एक और ख़ास जानकारी, जो आपको आसानी से नहीं मिलेगी। क्या आप जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर नींद में चलते हैं. जी हाँ, सचिन तेंदुलकर को नींद में चलने की आदत है. इतना ही नहीं, सचिन को नींद में बोलने की भी आदत है.

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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