जानिए, जून से अगस्त के बीच क्यूं खास होता है “GOA”

गोवा भारत का नहीं, बल्कि दुनिया के टॉप 10 टूरिस्ट प्लेस में शामिल है। भारतीय युवाओं के लिए तो मानों गोवा एक ऐसा टूरिस्ट प्लेस है, जहां जाने का वो सपना पूरा करना चाहते हैं। आज हम इस खबर से आपको बताने जा रहे हैं कि गोवा ऑफ सीजन में घूमने के क्या-क्या फायदे हैं। दरअसल, सबसे ज्यादा टूरिस्ट नवंबर से फरवरी के बीच आते हैं। यानी गोवा पर टूरिज्म पीक पर रहता है। ऐसे में जून से अगस्त के बीच गोवा क्यूं खास होता है। आइए बताते हैं।

खुद को मानेंगे गोवा का किंग

जून से अगस्त के बीच गोवा के लिए टूरिज्म हल्का होता है, जिसे ऑफ सीजन भी कह सकते हैं। इस सीजन में गोवा में सबसे ज्यादा बारिश होती है। ऐसे में आपको सबसे पहला फायदा यही मिलता है कि आपको गोवा के बीच, होटल, रेस्टोरेंट, टूरिस्ट प्लेस सभी जगह शांति मिलेगी। भीड़भाड़ से दूर आपको गोवा के बीच ऐसे महसूस होंगे मानों, आप गोवा के राजा हैं।

हरियाली और बारिश से मिलेगा सुकून 

जून और जुलाई के महीने में गोवा में सबसे ज्यादा बारिश होती है, जिससे गोवा की हरियाली दोगुना निखरती हुई दिखाई देती है। गोवा की सड़कों पर घूमना खुद में एक ट्रिप हो जाता है। इन दिनों गोवा में तापमान भी 24 डिग्री तक रहता है, जोकि घूमने की अच्छा है। बड़े- बड़े नारियल के पेड़ के अलावा सड़कों पर दूर-दूर तक दिखाई देने वाले हरे-भरे मैदान आपकी आखों को सुकून देने का काम करते हैं।

होटल में मिल सकता है 50 प्रतिशत तक डिस्काउंट

गोवा में सबसे महंगा होता है होटल। ऐसा सोचना आपकी गलत फैमी है। वैसे तो 2 स्टार से लेकर 7 स्टार होटल गोवा में मौजूद हैं, लेकिन ऑफ सीजन यानी जून से अगस्त के बीच गोवा में 5 से 7 स्टार होटल का मजा आप 3 स्टार के होटल की कीमत में ले सकते हैं। दरअसल, ऑफ सीजन के चलते आप होटल मैनेजर से बार्गेनिंग कर सकते हैं।

टूरिस्ट प्लेस पर आराम से घूमने का मिलता है मौका

आमतौर पर पीक सीजन के दौरान आपको गोवा की सड़कों पर ट्रैफिक भी मिलेगा, साथ ही टूरिस्ट प्लेस पर कई पांबदियों के साथ भीड़ भी मिल जाती है। लेकिन ऑफ सीजन में आपको हर जगह राहत मिलेगी। मार्केट में तसल्ली से शॉपिंग करने से लेकर टूरिस्ट प्लेस भी आराम से घूम पाएंगे।

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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