धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई
चमचम-चमचम चमके बिजुरी, धूप सुनहरी शरमायी

दीवाने ये बादल देखो, जब हिचकोले खाते हैं
आसमान की खिड़की पर तब, सात रंग खिल जाते हैं

अभी अभी पछुवा ने छेड़ा, छेड़ रही अब पुरवाई
धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

सन सन सन सन चलें हवाएं, मनमानी मस्तानी सी
भीगा-भीगा हर मन झूमें, मौसम लिखे कहानी सी

पपिहा पिहू पिहू, पिहू बोले, प्यार भरी है रुत आई
धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

घन-घनघोर घटाएं काली, बदरा जब छा जाते हैं
चंदा आंख मिचौली करता और तारे शरमाते हैं

बैरी उमड़-घुमड़ कर डोलें, कैसी है ये रुसवाई
धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

भीगी-भीगी धरती झूमें, सावन में तरुणाई सी
धानी-धानी चूनर ओढ़े, इक दुल्हन सकुचाई सी

सजनी चढ़ी है डोली जैसे, और बजी है शहनाई
धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

बिजुरी चमक चमक, चम चमके और गोरी घबराये रे
काली रात न बीते पिय बिन, नागिन सी डस जाए रे

सखियां सारी करें ठिठोली, मन ही मन हैं इतराईं
धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई

धीरे-धीरे गाना बादल, धीरे लेना अंगड़ाई
चमचम-चमचम चमके बिजुरी, धूप सुनहरी शरमायी।

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