किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊं,

किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
एक तरफ़ चन्द्रयान और गगन यान है,
दूसरी तरफ कोई अस्पताल तक कंधे पर ढो के ले जाता है बीमार बाप को,
किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
एक तरफ बेटियों हिमा ओर द्युति पर सीना फूले नही समाता है,
दूसरी तरफ निर्भया और प्रियंका को याद करके दिल सिहर जाता है।।
किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
एक तरफ हम बनते हैं विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था,
दूसरी तरफ एक बाप किडनी बेचकर अपने बच्चे को पढाता है,
किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
एक तरफ जहां भारत वसुधैव कुटुम्बकम का पाठ पढाता है,
 वहीं दूसरी तरफ हर जगह जाति धर्म का बंटवारा है।।
किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
एक तरफ अम्बानी ,मित्तल जैसे धनकुबेर मेरे देश मे भी होते हैं,
दूसरी तरफ कोई भूखे पेट सोकर रात बिताता है,
किसकी खुशी मनाऊं और किस पर आंसू बहाऊँ,
नही इरादा कि किसी का दिल दिखाऊँ,
बस इतना सा सपना है मेरा कि फिर से विश्व गुरु मैं कहलाऊँ।।
@Divyashrotriya – Nightbulb की फॉलोवर.

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