Keyless कार है, तो भी हो सकती है चोरी, सतर्क रहें !

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि ऑटोमैटिक कार ज्यादा सुरक्षित होती हैं, तो यह आपकी ग़लतफहमी है. बिना चाबी लगाए यानी कीलेस (Keyless) वाली कार जितनी सुरक्षित बताई जाती है, दरअसल उतनी होती नहीं हैं. हम उन कार की बात कर रहे हैं, जिन्हे ऑटोमैटिक बताकर कंपनियां आपसे अधिक दाम लेती हैं. यह कार ऑटोमैटिक चाबी में लगे सेंसर से खुलती हैं और चाबी गाड़ी में मौजूद होने के बाद ही चलती हैं. हम इस तकनीक को एडवांस मानते हैं और ज्यादा कीमत पर कार खरीद लेते हैं.

लेकिन आपको यह बात पढ़कर हैरानी होगी कि इन कार की भी चोरियां अब आम हो गई हैं. इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच 14,000 चोरी भी हो चुकी हैं. यानी 38 मिनट के अंदर एक कार चोरी हुई है. यह मामला ब्रिटेन से जुड़ा है. यहां इंश्योरेंस कंपनी का दावा है कि उनके पास इस साल अभी तक 14,000 कार चोरी के मामले आ चुके हैं. इनमें ज्यादातर SUV कार हैं.

इस मामले पर ब्रिटेन में जांच भी शुरू हो चुकी है. जांच में यह जानकारी भी निकलकर सामने आई है कि लगभग 70% लोगों की गाड़ियां उनके घरों से चोरी हुई हैं. जानकारों के अनुसार एक ऑटोमैटिक कार की चोरी करने में मात्र 10 सेकंड लगते हैं.

कैसे होती हैं चोरियां

शोधकर्ता बताते हैं कि ऑटोमैटिक कार की चोरी करने के लिए दो चोर एक साथ चोरी करते हैं. एक चोर घर में रखी चाबी के सिगनल को तोड़ने का काम करता है. तो दूसरा चोर कार के गेट पर खड़ा होकर डिजिटल क्लोन चाबी बनाता है. इस काम को पूरा करने में मात्र 10 सेकंड लगते हैं.

 

 

Content Source : www.dailymail.co.uk

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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