जन्नत को धरती पर महसूस कराते हैं कश्मीर के पांच पर्यटक स्थल

अनुच्छेद 370 के हटने के बाद सोशल मीडिया पर कश्मीर में मकान खरीदने जैसी बेतुकी बातें चल रही हैं। हमें चाहिए कि कश्मीर के भाई-बहनों को अपना मानते हुए हमें उनकी रोजी-रोटी पर नजर गढ़ाने की बजाय उनके बिजनेस को प्रोत्साहित करें। इस खबर से हम आपको बताएंगे कि आप कश्मीर में कहां-कहां घूमने जा सकते हैं, जहां पहुंचकर असली स्वर्ग का एहसास होगा।

वैसे तो कश्मीर में 20 से अधिक टूरिस्ट प्लेस हैं, जहां आप घूमने जा सकते हैं। लेकिन इनमें सबसे खास पांच की जानकारी हम दे रहे हैं।

श्रीनगर

 

जम्मू कश्मीर का इलाका श्रीनगर सिर्फ यहीं नहीं बल्कि भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां दुनिया की मशहूर डल झील होने के साथ- साथ कश्मीरी संस्कृति को काफी करीब से जानने का मौका मिलता है। श्रीनगर इस राज्य का सबसे बड़ा इलाका है, जहां हरे-भरे पहाड़ों से लेकर बर्फीले पहाड़ भी दिखाई देते हैं। बोटिंग से लेकर ट्रैकिंग और ट्रैकिंग से लेकर अनोखे पक्षी भी यहीं देखने को मिलते हैं। यहां घूमने का सही मौका भी साल के अंत में ही मिलता है। जून से अक्टूबर तक मीठी-मीठी सर्दी के बाद यहां जनवरी तक बर्फ भी पड़ती है।

गुलमर्ग

फूलों के मैदान कहे जाने वाले गुलमर्ग में प्रकृति का मिलन ऐसा है, मानों खुद स्वर्ग जमीन पर उतर आया हो। पेड़, पौधे और फूलों से भरे पहाड़ों का बैकग्राउंड आपकी फोटो में दोगुनी चमक ला देता है। गुलमर्ग इसके अलावा एडवेंचर के लिए भी मशहूर है। बर्फ में स्लाइडिंग करने के साथ-साथ यहां माउंटेन बाइक, ट्रैकिंग आदि भी कर सकते हैं। सर्दियों में घूमने पर आपको एक फायदा और मिलता है।

कठुआ

सूफी का शहर कहे जाने वाले कठुआ में कश्मीर का इतिहास नजर आता है। कश्मीरी संस्कृति और इतिहास जानने के लिए बैताब हैं, तो यह शहर आपके लिए है। कठुआ पंजाब, हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर से सटा शहर है, जोकि नदी किनारे बसा है। जैसा की हम जानते हैं, जम्मू-कश्मीर खूबसूरती के लिए जाना जाता है, वैसे ही कठुआ में भी हरे-भरे मैदानों के अलावा काफी दिलचस्प नजारे दिखाई देते हैं। यहां गर्मियों में जाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। कठुआ में जसरोता किला सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, जहां इतिहास का काफी ज्ञान मिलता है।

पहलगाम

कहा जाता है कि पहलगाम स्वर्ग की कॉपी है, मानों चित्रकार ने स्वर्ग को देखते हुए पहलगाम को अपनी तस्वीर में उतारा हो। श्रीनगर से 85 किलोमीटर दूर 2740 मीटर ऊपर पहाड़ों पर बसा पहलगाम आपकी सारी चिंताएं, सिरदर्द को एक ही झटके में खत्म कर देता है। घने जंगलों से घिरा पहलगाम अपने अंदर खूबसूरत झील और विभिन्न तरह के फूल-पौधों को समाए हुए हैं। शांतिपूर्ण वातावरण में पहलगाम आपके लिए एक यादगार पर्यटन स्थल साबित हो सकता है।

किश्तवाड़

अगर आप पर्यटन स्थल से दूर ऐसी जगह घूमना चाहते हैं, जहां आपको महसूस हो कि सिर्फ आप हैं और कोई नहीं तो किश्तवाड़ एक अच्छा पर्यटन स्थल है। आम पर्यटकों के रडार से दूर यह इलाका ऑफबीट पर्यटकों का केंद्र है। यहां आप साइक्लिंग, ट्रैकिंग, कैंम्पिंग, वाइल्डलाइफ सफारी जैसे एडवेंचर भी कर सकते हैं। पहाड़ों पर टेढ़े-मेढ़े रास्ते आकर्षण का केंद्र हैं।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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