‘होली कब है, कब है होली? जब फिल्मों का अहम हिस्सा होते थे होली के गीत

साठ से लेकर अस्सी तक के दशक में हिंदी फिल्में होली के गीतों के बगैर तकरीबन अधूरी मानी जाती थीं। उस दौरान बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट रही फिल्मों पर नजर डाली जाए तो पता चल जाएगा कि होली के गीतों की कितनी अहमियत हुआ करती थी।
फिल्म बनाते समय डायरेक्टर और निर्माता उस वक्त अपनी फिल्मों में कहीं ना कहीं ऐसी सिचूएशन कहानी में गढ़ते थे, कि होली का एक सीन जरूर हो। अगर कभी कहानी के हिसाब से या कोई और वजह से होली की सिचूएशन फिट नहीं हो पाती तो दूसरा कोई त्योहार जोड़ दिया जाता था। लेकिन इन सभी में हिट होली का सीन और गीत ही हुआ करता था।
होली के सीन और गीत के बाद फिल्म की कहानी में जरूर कोई न कोई ट्विस्ट हुआ करता था। होली असल में रंगों के साथ रोमांस, सोहार्द आपसी मनमुटाव दूर करने का भी जरिया और त्योहार माना जाता है। होली के बहाने छेड़छाड़ दिखाने का अपना ही अलग अंदाज हुआ करता था। यह परंपरा आज भी कायम है लेकिन इसे फिल्माने का अंदाज बदल गया है।
  • 70 के दशक में अमिताभ और धर्मेंद्र की सुपर हिट रही फिल्म ‘शोले’ में होली के पर्व पर गांव में छेड़छाड़ के साथ चंबल के डाकुओं का रंग भी जोड़ा गया था। इस फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री करने वाले गब्बर सिंह उर्फ अमज़द खान के वैसे तो कई डायलॉग लोगों की जुबान पर चढ़ गए थे लेकिन उनका होली से पहले बोला डायलॉग ‘होली कब है, कब है होली? ऐसा हिट रहा था कि आज भी जब होली आती है तो किसी न किसी की जुबान से मजाकिया तौर पर यह डायलॉग निकल ही जाता है। फिल्म में होली पर ‘होली के दिन, दिल मिल जाते है, रंगों में रंग मिल जाते हैं’ फिल्माया गया था।
  • धर्मेंद्र और वहीदा रहमान की फिल्म ‘फागुन’ में होली के गीत ‘पिया संग खेलूं होली, सावन आयो रे’ के बाद फिल्म की कहानी में एक दम से नया मोड़ और बदलाव दिखाया गया था। सुनील दत्त और आशा पारेख की फिल्म ‘जख्मी’ में जेल से भाग कर सुनील दत्त अपने घर में बदमाशों के चंगुल से अपनी पत्नी आशा पारेख और बच्चे को बचाने जाता है। घर पहुंचने के लिए होली की टोली में घुलमिल जाता है। इस सिचूएशन पर फिल्माया गीत ‘जख्मी दिलों का बदला चुकाने आए हैं दीवाने, दीवाने’ भी अच्छा खासा जुबान पर चढ़ा था।
  • अमिताभ और रेखा की हिट रही रोमांटिक फिल्म ‘सिलसिला’ और इन्हीं पर फिल्माए गए होली के गीत ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे’ को आज भी लोग उसी अंदाज में गाते और सुनते हैं होली पर तो लाउडस्पीकर जगह जगह इस गीत के बोल सुनने को मिल जाते हैं।
  • व्हीशांताराम की फिल्म ‘नवरंग’ में उनकी पत्नी संध्या पर फिल्माया गया होली का गीत ‘अरे जा रे हट नटखट, न खींच मोरा घूंघट पलट के दूंगी आज तोहे गारी रे, मुझको समझो न तुम भोली भोली रे’ जिसमें वह गणेश जी की मूर्ति के सामने हाथी के साथ होली खेलती है। एक समय में काफी हिट माना जाता था।
  • होली के गीतों में ‘मदर इंडिया’ के गीत ‘होली आई रे कन्हाई, रंग बरसे बजा दे जरा बांसुरी’ के बाद ही सुनील दत्त डाकू बनने की राह में बढ़ता है।  बॉलीवुड में उस दौर में चाहे कोई भी विषय की फिल्मी कहानी हो होली के सीन और गीत को किसी न किसी तरह फिट किया जाता था और प्रमुखता के साथ दिखाया भी जाता था। अब चाहे वह राजे रजवाड़े की फिल्म को या देशभक्ति की। इन फिल्मों में भी कई बार होली के गीत जान डाल देते थे।
  • इसी तरह कई नामी फिल्मों में होली के कई फेमस गीत आज भी गुनगुनाए जाते हैं। मसलन, फिल्म ‘कोहिनूर’ का होली गीत ‘तन रंग लो जी आज मन रंग लो’, ‘कटी पतंग’ का ‘आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली, खेलेंगे हम होली’, ‘नमक हराम’ का ‘सागर से दरिया, दरिया से गहरा जाम’, ‘कामचोर’ का गीत ‘मल दे गुलाल मोहे, आई होली आई रे’, फिल्म ‘आखिर क्यों’ का ‘अपने रंग में रंग दे मुझे’, राज कुमार और दिलीप कुमार की हिट रही फिल्म ‘सौदागर’ के बचपन के दोनों दोस्तों में फिर से दोस्ती हो जाती है। कहानी में यहीं से क्लाइमेक्स में चेंज आता है। अमिताभ की ‘बागबान’ के होली गीत ‘होली खेलें रघुवीरा अवध में होली खेलें रघुवीरा’ आजकल होली पर खूब बजता है।
  • होली के बहाने प्रेमी प्रेमिका के बीच छेड़छाड़ तो होती ही है साथ ही इस त्योहार को फिल्मकार कभी आपसी रंजिश मिटाने में तो कभी बिछुड़ों को मिलाने में करते है। होली के मौके पर फिल्मकार फिल्म की कहानी में रंजिश निकालने का जरिया भी बनाते देखे गए हैं। मसलन, होली के हुड़दंग की आड़ में बदमाश दुशमनी निकाल लेते हैं। होली पर लाल, पीले, काले, नीले रंग की आड़ में पहचान मुश्किल हो जाती है, तो दुश्मनी निकालने का इससे अच्छा मौका और कहां मिलेगा। कई फिल्मों में तो जहां दुश्मनी का अंत होली पर होता है वहीं कहीं कहीं किसी फिल्म की कहानी में दुश्मनी की शुरुआत भी होली पर रंग लगाने पर ही होती है।
  • होली को भुनाने में हमारे सीरियल्स भी फिल्मों से पीछे क्यों रहें। टीवी सीरियलों में भी होली को काफी अहम माना जाता है। सीरियल्स में होली और इससे जुड़ी तैयारियों को दिखाने का चलन चल निकला है। यहां भी बॉलीवुड की फिल्मी कहानी की तरह कहानी में मोड़ देने या नई सिचूएशन पैदा करने के लिए होली का सहारा लेना खास बन गया है।

https://www.youtube.com/watch?v=-GPAzK1hMfg

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