जानिए, नसारिया मदरसा और अलाई मदरसा की सच्चाई

दिल्ली का इतिहास जितना खंगाला जाता है, उतने ही कई अनोखे तथ्य सामने आने लगते हैं। आज हम आपको दिल्ली के ही एक ऐसे इतिहास के बारे में बता रहे हैं, जोकि आम लोगों को छोड़िए दिल्ली के नेताओं को भी न पता हो। क्या आप जानते हैं कि दिल्ली की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी कौन सी है? जवाब नहीं है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

  • अपने समय में यह यूनिवर्सिटी भारत में हौजखास में बनाए गए फिरोजशाही मदरसे के अलावा दिल्ली में दो और मदरसे ऐसे हैं जिनका दुनिया में नाम रहा। इनके नाम हैं नसारिया मदरसा और अलाई मदरसा।

 

  • ये दोनों मदरसे कुतुब काॅम्लेक्स में बनीं मस्जिद कुव्वते इस्लाम के एक हिस्से के रूप में बनाए गए थे। इनके अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। ये दोनों मदरसे दिल्ली सल्तन के कार्यकाल में बने। इस्लाम में शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता रहा है। मदरसे का मतलब केवल प्राइमरी शिक्षा देना नहीं रहा है।

 

  • बगदाद में अब्बासी वंश के कार्यकाल के दौरान बनाए गए बैतुल हिकमत मदरसे को दुनिया का सबसे पुराना मदरसा माना जाता है। यहां धार्मिक विषयों के अलावा इतिहास और साइन्स पढ़ाए जाने के प्रमाण हैं। 1258 में इराक पर हुए हमले के बाद यह मदरसा लगभग समाप्त हो गया तो बैतुल इस्लाम से जुड़े स्कालर्स ने दिल्ली में शरण ली।

 

  • खिलजी और तुगलक वंश के दौरान दिल्ली के मदरसों को दुनिया में हाइयर लर्निंग का सबसे बड़ा केन्द्र माना गया था। बगदाद,समरकंद और बुखारा के उलेमाओं के फिरोजशाही मदरसे के उलेमाओं से सलाह लेने के प्रमाण हैं।

 

  • हौजखास में बने फिरोजशाही मदरसे में ज्यूरिसप्रूडेंस (हदीस), मेडिसीन (तिब्ब), कीमिया (केमेस्ट्री), मैथमेटिक्स (रियाजी), एस्ट्रोनामी पढ़ाई जाती थी। फिरोजशाह तुगलक के दौरान संस्कृत पढ़ाए जाने और संस्कृत की किताबों के अनुवाद किए गए।

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