खान-कपूर भी कहते हैं, ‘तुम्हारे बिना गुजारा नहीं’

उत्तरप्रदेश के पिछड़े शहर मुजफ्फरनगर के बुड़ाना जिले में पैदा हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी 19 मई यानी आज 45 साल के हो चुके हैं। आज की बॉलीवुड इंडस्ट्री में नवाजुद्दीन एक ऐसी शख्सियत का नाम है, जिसे खान, कपूर के समानांतर ही समझा जाने लगा है। नवाज की लोकप्रियता को देखते हुए खुद सलमान खान और शाहरुख खान ने भी अपनी फिल्में की हैं।

आज नवाज 45 साल के हो चुके हैं। ऐसे में आज हम उनकी ऐसी निजी जानकारी बताएंगे, जिसको देखते हुए हमने इस खबर को असली हीरो के कॉलम में डाला है। जैसा की आप जानते हैं कि असली हीरो कॉलम सिर्फ उन्हीं व्यक्तित्व के लिए बनाया गया है, जो अंधेरे में उजाले का काम करते हैं, यानी अपनी अनोखी कला से दुनिया में भारत का नाम रोशन करने का काम करते हैं।

आइए जानते हैं, नवाजुद्दीन सिद्दीकी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

  • नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी जिंदगी की पहली कमाई एक कैमिस्ट के तौर पर की थी। वाराणसी में नवाजद्दीन एक कैमिस्ट के तौर पर काम करते थे। दरअसल, नवाज ने कैमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की थी।

 

  • नवाजुद्दीन वाराणसी के बाद दिल्ली आए थे। जहां, उन्होंने मात्र एक थिएटर देखकर फिल्मों में जाने का फैसला किया था। नवाज ने दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एक्टिंग सीखना शुरू किया। नवाज की पहली फिल्म आमीर खान की सरफरोश थी, जिसमें उन्होंने एक छोटा सा प्रभावी किरदार निभाया था।

 

  • नवाज कहते हैं कि कई न्यूज एजेंसी, न्यूज चैनल और अखबारों ने उन्हें एक गरीब घर का बेटा बनाकर रखा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। वो एक अच्छे घराने से ताल्लुक रखते हैं। एक इंटरव्यू पर हंसते हुए कहने लगे कि लगता है मेरी शक्ल देखकर पत्रकारों ने ऐसा कयास लगाया था। नवाज एक जमींदार के घर में पैदा हुए थे।

 

  • नवाज ने सरफरोश फिल्म की, जिसके बाद उन्हें कई छोटे-मोटे किरदार मिले। हालांकि, साल 2004 नवाज के लिए बेहद बुरा साल रहा था। साल 2003 में आई मुन्नाभाई एमबीबीएस में एक किरदार के बाद उन्हें अपने कमरे का किराया देना भी भारी पड़ रहा था।

 

  • नवाज को अपने सीनियर के घर में रहने का मौका भी इसलिए मिला, क्यूंकि वो अपने सीनियर के लिए खाना बना सकते थे। नवाज बताते हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 15 साल स्ट्रगल यानी संघर्ष करने में बिताए हैं। फिल्मों में नाम कमाने की ललक इतनी थी कि भरे-पूरे परिवार से दूर रहकर खुद को एक अच्छा कलाकार बनाने में खपा दिया।

 

  • नवाज की जिंदगी ने अनोखा मोड़ मिस लवली फिल्म से लिया, जिसमें उनके किरदार को काफी सराहा गया। इस फिल्म के बाद मानों, नवाज की गाड़ी बुलेट ट्रैन बन गई थी। नवाज को इसी साल फिल्म कहानी, गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट-1 और पार्ट-2, इरफान खान के साथ पान सिंह तोमर और आमीर खान के साथ तलाश जैसी फिल्मों में काम करने का मौका मिला।

 

  • ऑनलाइन वैब सीरिज में भी नवाज ही सबसे ऊपर चल रहे हैं। नेटफलिक्स (Netflix) पर Sacred Games में लीड रोल के तौर पर काम किया है। इतना ही नहीं, इसकी दूसरी सीरिज भी जल्द आने वाली है। Sacred Games में गणेश गायतौंडे यानी नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदार ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

 

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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