1 मिनट में 700 राउंड फायर करेगी यह गन. 13.12.2020

नमस्कार, आप इस वक़्त देख रहे हैं समाचार लाइव। आपका फिर से स्वागत है हमारे वीकली टॉप १० पॉजिटिव ख़बरों के शो में, जिसमें हम आपको बताते हैं देश और दुनिया की हफ्ते भर की १० पॉजिटिव खबरें. साल ख़त्म होने जा रहा है, दुनिया को एक वायरस ने ऐसा दबा दिया कि अभी भी दुनिया उभरने की कोशिश में लगी है. ग्लोबल इकोनॉमी का पहिया मानों ठहर गया. विकाशील देशों को तो छोड़िए विकसित देश भी अपनी इकॉनमी को बचा नहीं पाए. भारत भी कहीं न कहीं स्ट्रगल कर रहा है. लेकिन इस बीच एक ऐसा देश साल 2020 में अपनी रफ़्तार को बनाए रखा, जिसके बारे में आप शायद ही सोच पाएंगे. ये दुनिया का एकमात्र ऐसा देश था, जिसने महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच भी देश को लॉक डाउन में नहीं धकेला. सब कुछ खुला रहा. इस खबर को आज हम आपको विस्तार से बताएंगे, उससे पहले बताते हैं देश और दुनिया की बाकी पॉजिटिव खबरें.

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठण्ड है. कोरोना संक्रमण की रोकथाम भी है. बावजूद इसके पहाड़ों पर जमकर वोटिंग हो रही है. आंकड़ों के अनुसार मैदानी इलाकों से ज्यादा पहाड़ी जिलों में वोटिंग हो रही है. पहली बार हो रहे जिला विकास परिषद के चुनाव में पर्वतीय इलाकों में ज्यादा मतदान हुआ है। अभी तक हुए पांच चरणों में पुंछ जिले 72 % वोटिंग हुई. इस जिले में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है. यहां चौथे चरण में 76%, तीसरे चरण में 73% वोटिंग हुई. दूसरे चरण के चुनाव में 76% वोटिंग हुई. वहीँ, राजोरी जिले में भी पांचों चरणों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई. रियासी जिले में 70% और किश्तवाड़ में भी भारी मात्रा में वोटिंग हुई. LOC से सटे कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा जिलों में भी ज्यादा वोटिंग देखने को मिली है. जबकि मैदानी इलाके जम्मू जिले में पांचवें चरण की सीटों में 60% वोटिंग हुई. सांबा जिले में भी 64% और उधमपुर में 60% वोटिंग हुई है.

अगली पॉजिटिव खबर सुरक्षा से जुडी है. आर्मी को जल्द ही एक ऐसी गन मिलने वाली है जो एक मिनट के अंदर 700 राउंड फायर कर सकती है. यह गन सेमि आटोमेटिक है और गैस से चलती है. सब-मशीन गन 100 मीटर से ज्यादा दुरी का निशाना लगा सकती है. इस गन का वजन ३ किलो है. इस गन की एक खासियत यह भी है कि यह कम झटका देने वाली गन है. इसका बट एडजस्टेबल है। गन को एक हाथ से भी चलाया जा सकता है। इस गन को सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज और अन्य पुलिस संगठनों को दिया जाएगा।

अगली खबर कोरोना वैक्सीन से जुडी है. दुनिया के गरीब और विकासशील देश अब वैक्सीन के लिए भारत की ओर देख रहे हैं. उनका मानना है कि भारत की उनकी मदद कर सकता है. दरअसल, यह चिंता अफ्रीकी देशों ने जाहिर की है. उनका कहना है कि अमीर देश सिर्फ अमीर देश की मदद करते हैं. पोलियो और टीबी के टीके आजतक उनके देशो में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाए हैं। भारत में वैक्सीन बनाने के प्रति गंभीरता और वैक्सीन को आम जन तक पहुँचाने की व्यवस्था बाकी देशों की तुलना में ज्यादा पुख्ता है. जिस कारण भारत की तरह उम्मीद की नजरों से देखना जायज है. हालांकि, भारत पहले ही कह चूका है कि वो ऐसे तमाम देशो की मदद करने को तैयार है, जो जरूरतमंद हैं। भारत ने पड़ोसी देश जैसे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका को भी आश्वस्त किया है।

नासा ने चंद्रमा पर भेजने के लिए एक भारतीय-अमेरिकी को चुना है. नासा के इस अभियान में कुल 18 अंतरिक्ष यात्री होंगे, जिनमें 9 महिलाएं होंगी. भारतीय मूल के RAJA JOHN WARPUTUR चारी 43 साल के हैं, US एयर फोर्स एकेडमी, MIT और US नवल टेस्ट पायलट स्कूल से GRADUATE हैं. नासा ने उन्हें 2017 ‘एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट क्लास’ के लिए चुना था। अगस्त 2017 में वह इसमें शामिल हुए थे और अपना शुरुआती ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद उन्हें इस अभियान के लिए चुना गया.

स्मार्टफोन बनाने वाली साउथ कोरियाई कंपनी सैमसंग अपनी मोबाइल और आईटी डिस्प्ले यूनिट को चीन से समेट कर भारत शिफ्ट कर रही है. सैमसंग अपनी यह यूनिट नॉएडा में लगाएगी. कंपनी इसके लिए 4825 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करेगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड के लिए विशेष उपायों को मंजूरी दी. सैमसंग का भारत में यह पहला हाई-टेक्नीक प्रोजेक्ट है। जिसे चीन से यहां शिफ्ट किया जा रहा है। भारत दुनिया में तीसरा देश होगा जहां इस तरह की यूनिट होगी। इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से 500 से अधिक लोगों को डायरेक्ट जॉब मिलेगी, साथ ही हजारों लोगों को indirect तौर पर रोजगार मिलेगा. सैमसंग दुनिया में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट और घड़ियों के 70% से ज्यादा डिस्प्ले प्रोडक्ट्स बनाता है। जानकारी के लिए आपको बता दें की सैमसंग की नोएडा में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जिसका उद्घाटन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। कंपनी ने तब इस यूनिट में 4915 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट का वादा किया था.

ब्रिटेन और बहरीन के बाद अब कनाडा और अमेरिका ने भी फाइजर की बनाई वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. अमेरिका का कहना है कि अगले 24 घंटे में अमेरिका में इस वैक्सीन को लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. वहीं कनाडा ने भी इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. कनाडा को इस महीने में 2,49,000 डोज मिल जाएंगी। कनाडा का कहना है कि उन्होंने 2 करोड़ डोज़ का सौदा किया है, जिनमें से 40 लाख डोज मार्च तक उनके पास पहुँच जाएगीं

इस हफ्ते की पॉजिटिव ख़बरों का यह वीडियो यहीं समापत होता है. समाचार लाइव पर बने रहने के लिए आपका धन्यवाद.

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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