कोरोना और किसान आंदोलन से लेकर Top 10 positive news. 06.12.2020

नमस्कार, आपका बहोत बहोत स्वागत है, समाचार लाइव के 10 पॉजिटिव न्यूज के खबर सेक्शन में. आज की बड़ी खबर किसान आंदोलन से जुड़ी है. आज किसान यूनियनों और भारत सरकार के बीच पांचवे स्तर की वार्ता हुई. इस वार्ता से जुड़ी क्या अहम जानकारी है, उस पर विस्तार से चर्चा करेंगे. उससे पहले हम आपको बताएंगे और देश और दुनिया की 10 Positive News of the week.

पहली खबर कोरोना जांच की कीमत से संबंधित है. पिछले हफ्ते हमने आपकोे बताया था कि कैसे राजस्थान की सरकार ने प्राइवेट लेब की कोरोना जांच करने की कीमतों को 2400 से लाकर 800 रुपये तक पहुंचा दिया था, ताकि आम जनता की जेब पर कोरोना की जांच करने के लिए ज्यादा बोझ न पड़े. अब वही काम इस हफ्ते दिल्ली, गुजरात और उत्तरप्रदेश ने करके दिखाया. इन तीनों ही राज्यों की सरकारों ने प्राइवेट लेब की आरटी पीसीआर टेस्ट की कीमतों पर भारी कटौती को लेकर आदेश जारी किए हैं. अब दिल्ली और गुजरात में इस जांच की कीमत 800 रुपये हो गई है, तो उत्तरप्रदेश में यह कीमत 700 रुपये तय कर दी गई है.

दूसरी पॉजिटिव खबर कोरोना की वैक्सीन से जुड़ी है. जहां पिछले दो से तीन हफ्ते से कोरोना वैक्सीन से जुड़ी चर्चाएं शुरू हुई थीं. खुद प्रधानमंत्री मोदी तीन अलग अलग सेंटर पर वैक्सीन से जुड़े कामकाज की जानकारी लेने गए. मुख्यमंत्रियों के साथ वैक्सीन के स्टोरेज को लेकर भी वार्ता की वो अब कोरोना वैक्सीन की सप्लाई तक आ पहुंची है. कोरोना संकट को लेकर एक सर्वदलीय बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिसमें केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सचिव यानी हैल्थ सैक्रेटरी ने एक प्रजेंटेशन देते हुए कहा कि सबसे पहले वैक्सीन हेल्थ वर्कर्स को दी जाएगी. इनकी संख्या करीब एक करोड़ है. इसके बाद दो करोड़ फ़्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी. फिर 27 करोड़ सीनियर सिटीज़न को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी. जिसके बाद राज्यों के साथ मिलकर वैक्सीन वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके लिए एक साफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है, ताकि वैक्सीन से जुड़ा डेटा तैयार किया जा सके.

तीसरी अच्छी यानी पॉजिटिव खबर भी कोरोना वैक्सीन से जुड़ी है, लेकिन ब्रिटेन के नागरिकों के लिए खास है. दरअसल, ब्रिटेन ने अपनी स्थानीय कंपनी फाइजर और बॉयानेट द्वारा तैयार की गई एक कोरोना वैक्सीन को इस हफ्ते से आम लोगों के लिए सप्लाई का फैसला किया है. दरअसल, यह वैक्सीन 95 प्रतिशत तक कारगर देखने को मिली है, ऐसे में पिछले हफ्ते ब्रि​टेन के हेल्थ सैक्रेटरी ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा था कि हम दुनिया का पहला ऐसा देश बन चुके हैं, जो कोरोना वैक्सीन की डोज आम लोगों तक पहुंचाने जा रहे हैं. इसके बाद बहरीन दुनिया का दूसरा देश बन गया, जिसने फाइजर और बायो एन टेक की बनाई वैक्सीन को आपातकाल स्थति के लिए मंजूरी दे दी है.

वहीं अगली खबर, वल्र्ड हेल्थ आॅग्रेनाइजेशन से है, जिसने आश्वासन देते हुए कहा है कि अब दुनिया कोरोना के खात्मे के सपने देख सकती है. WHO ने शुक्रवार ऐलान किया कि कोरोना वायरस वैक्‍सीन ट्रायल के सकारात्‍मक परिणाम आने का मतलब है कि दुनिया ‘महामारी के खत्‍म होने के बारे में कल्‍पना कर सकती है।’ हालांकि WHO ने यह भी कहा कि अमीर और शक्तिशाली देशों को कोरोना वायरस वैक्‍सीन की इस भगदड़ में गरीब और कमजोर देशों को कुचल नहीं देना चाहिए।

अगली खबर मिजोरम से है. अब मिजोरम भारत को वो राज्य बन चुका है, जहां सोलर पॉवर प्लांट के ​जरिए बिजली का उत्पादन किया जाएगा. मिजोरम में 2 मेगावाट एसपीवी सोलर प्लांट शुरू हो गया है. हिंदूस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिजोरम के मंत्री विद्युत मंत्री ने कहा है कि मिजोरम में 20 मेगावाट और 5 मेगावाट के दो प्लांट और तैयार किए जा रहे हैं. राज्य का लक्ष्य है कि राज्य बिजली की सप्लाई के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके और राज्य की मौजूदा मांग को पूरा कर सके.

अगली पॉजिटि​व खबर उन लोगों के लिए है, जो साउथ इंडियन ऐक्टर रजनीकांत को पसंद करते हैं या उनके फालोअर हैं. दरअसल, रजनीकांत ने पिछले ही हफ्ते अपने करियर में एक नई पारी को जोड़ने का एलान किया है. बस कंडक्टर से ​​फिल्मों की दुनिया तक पहुंचने वाले रजनीकांत का अगला स्टाप राजनीति है, जहां से वो अपने एक नए करियर की शुरूआत करने जा रहे हैं. वैसे तो रजनीकांत को फिल्मी दुनिया से खूब शोरहत मिली है. उन्हें आम लोगों को सर पर बिठाकर रखा है, लेकिन क्या राजनीति में भी आम जनता उनका उसी ढंग से स्वागत करेगी, ये देखने लायक होगा. रजनीकांत दिसंबर अंत या नए साल की शुरूआत में अपनी पार्टी का एलान करेंगे.

अब कुछ ऐसी ही दिलचस्प और पॉजिटिव खबर मध्यप्रदेश है, जो आम खबरों से हटकर है. मध्यप्रदेश के एक सरकारी अधिकारी ने वो किया है, जिसको न्यू इंडिया देखना या सुनना चाहता है. मध्यप्रदेश के राजगढ़ के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह हैं, जिन्होंने जनता से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान न किए जाने पर खुद के उपर ही जुर्माना लगा दिया है. जी हां, कलेक्टर साहब सीएम हेल्पलाइन पर आईं शिकायतों के आधार पर 100 रुपये प्रति​ शिकायत जुर्माना लगा रहे थे. उन्होंने अलग — अलग विभागों व उनके कर्मचारियों पर 1140 जुर्माने लगाए. इन शिकायतों में एक शिकायत खुद कलेक्टर साहब से जुड़ी हुई थीं. ऐसे में कलेक्टर साहब ने खुद पर भी 100 रुपये का जुर्माना लगाया. इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की गई. एक रिपोर्ट के अनुसार, नीरज कुमार सिंह ने कहा कि हेल्पलाइन पर जो शिकायत आती हैं, उसका एक निश्चित समय में अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट तैयार ​करनी होती है. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उनपर जुर्माना किया जाता है.

वहीं एक खबर डिजिटल ट्रांसजेक्शन से जुड़ी है. रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने पिछले हफ्ते ​आरटीजीएस के जरिए पैमेंट ट्रांसफर करने की सुविधा को 14 दिसंबर रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए शुरू करने का फैसला किया है. आरटीजीएस सिस्टम 2 लाख से अधिक राशि के डिजिटल ट्रांसजेक्शन करने का एक सिस्टम है, जबकि 2 लाख रुपये तक की राशि के लिए एनईएफटी सिस्टम का प्रयोग किया जाता है. आपको बताना चाहेंगे कि एनईएफटी सिस्टम सुविधा 24 घंटे के लिए पहले ही शुरू की जा चुकी है. इसके ​अलावा आरबीआई ने कांटेक्ट लेस ट्रांसजेक्शन सिस्टम को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है.

आखिरी खबर अर्जेंटीना सरकार के उस फैसले से जुड़ी है, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. अर्जेंटीना की सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप की रोकथाम के लिए वहां के 12000 अमीर लोगों पर टैक्स लगाया है. इस टैक्स से जो राशि मिलेगी, उसको कोरोना वायरस के लिए मेडिकल सप्लाई और गरीब व छोटे कारोबारियों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. अर्जेंटीना की सरकार का मानना है कि इससे लगभग 4 अरब डॉलर जुटाने में मदद मिलेगी. नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार, इस योजना के तहत उन लोगों को टैक्स देना पड़ेगा जिनकी घोषित संपत्ति 20 करोड़ पेसो से अधिक है। पेसो अर्जेंटीना देश की करेंसी का नाम है. ऐसे लोगों को देश की संपत्ति पर साढे तीन प्रतिशत और विदेश की संपत्ति पर सवा पांच प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे मिलने वाली रकम से सरकार 20 प्रतिशत मेडिकल सप्लाई के लिए , 20 प्रतिशत छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए, 15 प्रतिशत सामाजिक विकास, 20 प्रतिशत स्टूडेंट स्कॉलरशिप और 25 प्रतिशत नेचुरल गैस वेंचर्स के लिए खर्च करेगी.

अब बताते हैं आपको कि भारत सरकार और किसान यूनियन के बीच हुई बैठक में क्या पॉजिटिव जानकारी सामने आई है. भारत सरकार और किसान यूनियन के बीच कल शनिवार यानी 5 दिसंबर को पांचवे स्तर की बैठक हुई. वैसे तो यह बैठक बेनतीजा रही. लेकिन सरकार और किसान यूनियन के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि वे 9 तारीख को आखिरी मीटिंग करेंगे, जिसमें सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसानों के हित में फैसला लिया जाएगा. मीटिंग से निकलने के बाद किसान यूनियनों के मेंबर संतुष्ट भी दिखाई दिए हैं. किसान यूनियनों के मेंबरों का कहना है कि वे सरकार के तीनों अध्यादेश वापस लेने की मांग पर अड़े है, जि​सको लेकर उन्हें सरकार की ओर से भी पॉजिटिव रेस्पांस मिला है. मेंबरों के चेहरे पर तसल्ली थी. हालांकि, फैसला नहीं हुआ है. मीटिंग से बाहर निकलकर आए ​किसान यूनियन के एक मेंबर ने बताया कि कृषि मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा करने के बाद 9 तारीख को सरकार का पक्ष रखेंगे, जोकि किसानों के लिए सकारात्मक होगा.

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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