आत्मनिर्भर के लिए सिर्फ जरूरी नहीं- स्वदेशी सामान खरीदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के नाम दिए गए सम्बोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर बनने की बात पर जोर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कहा है कि भारत को एक महाशक्ति बनाना है, तो हमें खुद पर निर्भर रहना होगा। यानी देश के आर्थिक मोर्चे को मजबूत करने के लिए भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना होगा. प्रधानमंत्री ने “लोकल को वोकल” की बात कही है.

आज हम इस खबर के माध्यम से कुछ ऐसे पॉइंट आपको बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको समझ आएगा कि अगर देश को आत्मनिर्भर बनाना है और भारत को एक आर्थिक महाशक्ति बनाना है, तो सिर्फ भारतीय सामान को खरीददारी ही काफी नहीं। इसके लिए आपको यह काम भी करने होंगे.

पढ़िए, सीधी बात कॉलम से हमारी यह ख़ास रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर रहने की बात कही, तो सोशल मीडिया पर सिर्फ एक ही चर्चा देखने को मिली कि आपको भारतीय कंपनियों को सामान खरीदना है, जबकि ऐसा नहीं है. यानी सिर्फ ऐसा नहीं है. देश को मजबूत बनाने के लिए आपको कुछ और भी कदम स्वयं उठाने होंगे. यह वो कदम हैं, जिनका फैसला आप खुद ही करते हैं.

  • पहले आत्मनिर्भर को समझें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हमें आत्मनिर्भर होना है, आइसोलेटेड देश नहीं बनना, जिसका दुनिया से नाता न रहे. आत्मनिर्भर बनने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि हम यह समझें कि आत्मनिर्भर में सिर्फ स्वदेशी सामानों की खरीदारी ही शामिल नहीं होती। आप “मेड इन इंडिया” सामान भी खरीदिये. दरअसल, जो कंपनियां भारत में अपनी यूनिट लगाती हैं, उनसे भी भारत सरकार की कमाई होती है.

  • अपने ही देश का टूरिज्म बूस्ट करें

हम भारतियों का सपना होता है कि हम किसी दिन सात समुंदर पार की यात्रा करें. यह सोचना और करना कोई गलत बात नहीं है. लेकिन, भारत का पैसा भारत में ही घूमता रहे, यह बेहद जरूरी है. वैसे भी अभी विदेश का सफर आने वाले काफी वक़्त तक मुश्किल सा ही है. ऐसे में आप देश में घूमने फिरने का ही प्लान बनाएं. भारत की इकॉनमी सुधार के लिए यह एक अच्छा तरीका है. टूरिज्म देश की इकॉनमी को मजबूती देता है.

  • अपनी कला को दुनिया के सामने लेकर आएं

भारत सरकार ने आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए देने की बात कही है. इसके पीछे मौजूदा मार्किट को उठाना ही नहीं है, बल्कि देश के स्किल्स या फिर कहें की कला को ग्लोबल लेवल पर लाकर खड़ा करने की भी प्लानिंग है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए उदाहरण भी दिया था.  ऐसे में यदि आपके पास कोई हुनर है, तो उसको अब चमकाने का वक़्त आ गया है. आत्मनिर्भर बनें और सरकार की मदद से खुद को मजबूत बनाइए। अगर आप मानते हैं कि आपका प्रोडक्ट मार्किट में अच्छा चल सकता है, तो आप उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं.

  • सिर्फ कपड़ों के लिए नहीं, बल्कि पूर्ण स्वदेशी बनें.

सोशल मीडिया पर स्वदेशी को लेकर चल रही चर्चा सिर्फ कपड़ों से जुड़े ब्रांड के इर्द गिर्द घूम रही है. ऐसे में आपकी सोच यही तक सिमित ना रहे, इसलिए आपको बता दें कि स्वदेशी अभियान को मजबूती देने के लिए सिर्फ कपड़ों की खरीददारी ही शामिल नहीं होती। आपको खाने-पीने के सामान से लेकर सजावट के सामान, तकनिकी सामान जैसे सभी प्रोडक्ट भारतीय कंपनियों के ही खरीदें. हालांकि, आप मेड इन इंडिया वाले प्रोडक्ट भी खरीदेंगे तो भी आपका फैसला गलत नहीं होगा.

  • अपनी खर्च की क्षमता को बढ़ाइए

कोरोना के बाद मार्किट में पैसे का फ्लो होना बेहद जरुरी है. सरकार ने इस बजट में ऐसे कई प्रयास किये थे ताकि हमारे देश की इकॉनमी भी पश्चिमी देशों की तरह खर्चीली बन जाये। इससे भारत की इकॉनमी सुधर सकती है. आप भी खर्चीले बनिए और सेविंग मोड का मोह त्याग कर अपने लिए खर्च कीजिये।

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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