अगर बैंक लोन में फंस जाए तो

अगर आप बैंक लोन में फंस गए हैं या फिर EMI देना आपके लिए बोझ हो गया है तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, बैंक से लोन लेना तो आसान होता है, लेकिन मनी मिस मैनेजमेंट के कारण किश्ते भर पाना मुश्किल हो जाता है. यह खबर आपको बताती है कि बड़े से बड़े लोन की पेमेंट से लेकर क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि को भी आप आसानी से कैसे भर सकते हैं ? पढ़िए हमारी यह ख़ास रिपोर्ट –

अगर कर्ज के जाल में फंस जाए तो

तेजी से लोन चुकाने के लिए आप अपनी बढ़ती आमदनी के साथ- साथ अपनी किश्त की रकम को भी बढ़ा सकते हैं. यदि आपकी कमाई बढ़ती है, तो आप अपने बड़े लोन जैसे होम लोन की किश्त को कुछ पर्सेंट बढ़ा दीजिए। उदाहरण के तौर पर, अगर आपका 20 लाख रुपये का लोन 20 साल के लिए है और उसपर 11 % की दर का ब्याज है, तो आपकी EMI 20644 रुपए बैठती है. ऐसे में आप EMI में एक हज़ार रुपए की बढ़ोतरी भी करते हैं, तो आपका लोन मात्र 12 साल में खत्म हो सकता है. जबकि 10% इजाफा करने पर लोन में 10 साल तक की कमी आ सकती है.

क्रेडिट कार्ड की पेमेंट बन जाए सिरदर्द

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आसान होता है. इस पर आपको 50 दिन तक बिना इंटरेस्ट के लोन मिलता है. लेकिन अगर बेहिसाब खर्च करते हैं, तो यह गले की हड्डी भी बन जाता है. अमूमन एक क्रेडिट कार्ड में महीने भर में 3-4 पर्सेंट ब्याज दिया जाता है, जोकि साल भर में 36-48 % होता है. ऐसे में यदि आपकी क्रेडिट कार्ड की पेमेंट बढ़ती जा रही है, तो आप बैंक से उस रकम को EMI में तब्दील करने की डिमांड कर सकते हैं. अगर यह सुझाव ना समझ आए तो आप पर्सनल लोन भी ले सकते हैं. दरसल, पर्सनल लोन पर 16-24 % ब्याज होता है, जो इस मुसीबत से निकलने के लिए एक सुरक्षित तरीका है.

इन्वेस्टमेंट का इस्तेमाल कीजिए

लोन को सरल भाषा में कर्ज ही कहा जाता है और कर्ज जब ज्यादा होता है तो वो एक सिरदर्द बन जाता है. ऐसे में आप मुसीबत से निकलने के लिए अपनी इन्वेस्टमेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आप अपनी इंश्योरेंस पालिसी, पीपीएफ का पैसा भी उपयोग में ला सकते हैं. इसके अलावा आप अपनी प्रॉपर्टी का भी प्रयोग कर सकते हैं. आम तौर पर देखा गया है कि बैंक लोन भुगतान न होने पर ग्राहक को कानूनन घेरना शुरू करता है, जोकि एक आम आदमी के लिए एक बड़ी मुसीबत से कम नहीं होता. ऐसे जब भी मुसीबत बड़ी हो, तो आप अपनी इन्वेस्टमेंट का बिना सोचे प्रयोग कर सकते हैं.

पहले महंगा लोन चुकाइए

लोन को मैनेज करना भी एक कला है. सबसे पहले बैंक लोन की लिस्ट बनाइए और उसके बाद उन कर्ज की पहचान कीजिए जो आपके लिए पहले चुकाना जरूरी है. इसकी शुरूआत सबसे महंगे लोन के साथ कीजिए। इसमें सबसे पहले क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन आते हैं, जो जेब पर भारी पड़ते हैं. महंगा लोन चुकाने के बाद अगले लोन पर ध्यान दीजिए. इस तरीके को डेट अवलांच कहा जाता है. हालांकि, कुछ लोग पहले सस्ते लोन को खत्म करने की कोशिश करते हैं. इसे बैंक की भाषा में डेट स्नोबोल कहा जाता है. जानकारों की नजर में यह तरीका बेहतर नहीं होता। दरअसल, एक लोन कम तो हो जाता है, लेकिन बड़ा भोज आपके लिए सिरदर्द बना बैठा होता है. इसलिए ज्यादा ब्याज वाले लोन को खत्म जल्दी करना चाहिए, ताकि आपका भविष्य भी सुरक्षित रह सके.

बैंक भी देता है, बेहतर सुझाव

ऐसा नहीं है कि बैंक आपको लोन में फंसते हुआ देखना चाहता है. बैंक भी चाहेगा कि आप सुकून के साथ लोन की भरपाई करें. ऐसे में यदि आप कहीं किसी लोन में फंस गए हैं, तो आप बैंक की एक महत्वपूर्ण सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं. दरअसल, बैंकों का एक कॉउंसलिंग सेंटर होता है. जैसे ICICI बैंक की दिशा और बैंक ऑफ़ इंडिया अभय. ऐसी डेट कॉउंसलिंग सेंटर से कुछ फ़ीस लेकर आप एक बेहतर राय ले सकते हैं.

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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