"PradhanMantri Aarogya Yojna" | Duniya Ki Sabse Badi "Health Scheme"

‘प्रधानमंत्री आरोग्य योजना’ है दुनिया की सबसे बड़ी ‘हेल्थ स्कीम’ जानिए लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थय योजना ‘प्रधानमंत्री आरोग्य योजना’ लॉन्च करने जा रहे हैं। यह योजना देश के 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार की गई है। प्रधानमंत्री इस योजना को झारखंड के रांची से करने जा रहे हैं।

आइए जानते हैं प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के क्या हैं लाभ। यह योजना कैसे आप तक पहुंचेगी।

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को खासकर गरीबों के लिए बनाकर तैयार किया है। इसके योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक की मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यानी सदस्य परिवार को पांच लाख रुपये तक के इलाज के लिए कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

2. यह योजना देश के 40 पर्सेंट जनता को सीधे फायदा पहुंचाएगी। इस योजना में दिल्ली, तेलंगाना और ओडिशा को छोड़कर बाकी सभी राज्य शामिल हो चुके हैं।

3. इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए कई निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों मे आयुष्मान मित्र नियुक्त किए गए हैं। यह आपके लिए उस वक्त काम आएंगे, जब आप बिमारी के वक्त अस्पताल पहुंचगे। आयुष्मान मित्र आपकी जानकारी ऑनलाइन डालेगा, जिसके बाद अस्पताल आपसे इलाज का एक पैसा भी नहीं लेगा।

4. इतना ही नहीं, बिमार शख्स को घर तक पहुंचाने का खर्च भी योजना के अंदर ही वहन किया जाएगा। आयुष्मान मित्र आपके लिए वाहन का भी बंदोबस्त करेगा।

5. पूर्वी राज्य और पहाड़ी राज्यों में इस योजना का 90 पर्सेंट खर्च केंद्र सरकार करेगी, जबकि 10 पर्सेंट राज्य सरकार खर्च करेगी। जबकि अन्य राज्यों में 60 पर्सेंट केंद्र सरकार वहन करेगी।

6. प्रधानमंत्री आरोग्य योजना में 1354 पैकेज तैयार किए गए हैं, जिसमें विभिन्न विभिन्न बिमारियों पर आने वाले खर्च को बांटा गया है। बीमारी के अनुसार पैकेज को चुना जाएगा और उसी अनुसार अस्पताल को पैमेंट की जाएगी।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट में आयुष्मान भारत की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत डेढ़ लाख से अधिक आरोग्य अस्पताल भी देश में खोलने की तैयारी चल रही है।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

Leave a reply:

Your email address will not be published.

Site Footer