URI-Surgical Strike से निर्माताओं ने हटाया ये डायलॉग

भारत में फिल्म पहले बन जरूर जाती है, लेकिन फिल्म के ट्रेलर मात्र से विवाद फिल्म के रिलीज होने से पहले ही शुरू हो जाता है। कुछ फिल्में राजनैतिक कारणों से विवाद में पड़ जाती हैं, तो कुछ फिल्में धार्मिक चक्करों में घिर जाती हैं। हम फिल्मों की स्वतंत्रता पर तनिक सी बाधा का भी विरोध करते हैं। दरअसल, फिल्में समाज का ही एक आइना होती हैं, जिसमें सच दिखाने का निर्माताओं को पूरा अधिकार होना चाहिए। कुछ गलत दिखाया जाए, तो उसके लिए CBFC (Central Board Of Film Certification) बैठा तो है।

इस साल तीन ऐसी फिल्में रिलीज होने जा रही हैं, जिस पर राजनैतिक और धार्मिक कारणों से विवाद शुरू हो चुका है। राजनैतिक कारणों से द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और ठाकरे तो पहले से ही विवाद झेल रही हैं, लेकिन अब यूआरआई-सर्जिकल स्ट्राइक भी विवाद से भरी फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है, जिससे बचने के लिए निर्माताओं ने जल्द कदम भी उठा लिया। आइए बताते हैं पूरा किस्सा।

दरअसल, यूआरआई-सर्जिकल स्ट्राइक एक सच्ची घटना पर आधारित एक फिल्म तैयार की गई है। यह साल 2016 की उस घटना पर आधारित एक फिल्म है, जिस पर पूरा भारत साल 2016 में गर्व महसूस कर रहा था। इस फिल्म का ट्रेलर तीन हफ्ते पहले ही जारी किया गया है और फिल्म 11 जनवरी का रिलीज होनी है, लेकिन फिल्म निर्माताओं ने एक आपत्ति होने के कारण फिल्म से एक डायलॉग रफा-दफा कर दिया है। यह डायलॉग फिल्म में होगा, ये तो फिल्म देखकर ही पता चलेगा, लेकिन ट्रेलर में अब यह डायलॉग दिखाई नहीं देता।

असल बात यह है कि निर्माताओं ने ट्रेलर को दोबारा यू-ट्यूब पर अपलोड किया है। इस ट्रेलर में लीड रोल में विक्की कौशल ने एक डायलॉग बोला है, जो मुस्लिम धर्मगुरूओं को रास नहीं आ रही है। कौशल एक आतंकवादी को मारते हुए कहता है-  अपनी 72 हुरों को हमारा सलाम बोलना, कहना दावत पर इंतजार करें आज बहोत सारे महमान भेजने वाले हैं। 

इस डायलॉग को हटाकर अब यह ट्रेलर रिलीज किया गया है।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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