Vintage Car Ke Shaukeeno Ki Hai Ye Khash Jagh I NIght Bulb-Hindi Blog

विंटेज कारों के शौकीनों की है यह खास जगह

हैरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम: 75 तरह की अलग-अलग विंटेज कार

यह है देश का पहला ट्रांसपोर्ट म्यूजियम। आपने आजतक सिर्फ ऐसे म्यूजियम का लुत्फ उठाया होगा, जहां आप किसी एक ट्रांसपोर्ट के इतिहास या उससे जुडे व्हीकल के बारे में जानकारी हासिल कर पाए होंगे, लेकिन सेंट्रल दिल्ली से 65 किलोमीटर दूर हरियाणा के बिलासपुर में बना हैरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम कुछ हटकर है। इस म्यूजियम में सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े वाहनों से लेकर आज के लग्जरी व्हीकल को एक ही छत के नीचे संजोया गया है। इस म्यूजियम में गांव की बैलगाड़ी से लेकर विदेशी लग्जरी विंटेज कार तक मौजूद हैं। म्यूजियम में 75 तरह की विंटेज कारे हैं। म्यूजियम में कुछ कारें ऐसी भी हैं जो आम लोगों ने म्यूजियम की शान बढ़ाने के लिए दी हैं, जोकि वह न तो बेचना चाहते थे और न ही उसको कबाड़ में डालना चाहते थे। इतना ही नहीं, ट्रांसपोर्ट के इतिहास की सही मायने में समझ आपको यहां मिल जाएगी। म्यूजियम इतना बड़ा है कि आपको घूमने में कम से कम दो घंटे लगेंगे।

Vintage Car Ke Shaukeeno Ki Hai Ye Khash Jagh

शाहरुख खान से लेकर अमिताभ बच्चन की कार भी हैं मौजूद

दीवार फिल्म में अमिताभ बच्चन की वो कार, जिसके दीवानों की लंबी कतार थी, वे कार भी यहां मौजूद है। रॉकेट शेप में बनाई गई वह कार यहां खड़ी है। इसके अलावा दिलवाले दुल्हिनया ले जाएंगे फिल्म में सेनोरिटा को साथ लेकर घुमने वाले शाहरुख खान की लाल कार भी यहां आपको देखने को मिल सकती है। इसके अलावा आपको कुछ ऐसी कारें भी देखने को मिलेंगी, जो आपको हैरान जरूर करेंगी।

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लीमोजीन का ले सकते हैं आनंद

लीमोजीन कार को सपनों की कार समझने वाले यहां लीमोजीन कार की सवारी कर सकते हैं। जी हां, म्यूजियम में खड़ी कारों में सिर्फ लीमोजीन ही है, जिसे आम लोगों के लिए चलाया जाता है। आप अपने बच्चों को लीमोजीन कार की सवारी करा सकते हैं। इसके लिए मात्र 2000 रुपये देने होंगे, जिसके बाद चार लोग लीमोजीन में सफर कर सकते हैं।

यह व्हीकल भी है यहां मौजूद

म्यूजियम में अंग्रेजो के वक्त में चलने वाली लग्जरी शाही ट्रेन के साथ- साथ पुराने समय में दुल्हन को ससुराल लेकर जाने वाली एक अनोखी ढोली तक म्यूजियम में देखने को मिलती है। म्यूजियम में पुराने समय के हेलीकॉप्टर भी है, जिसे आपको पुरानी फिल्मों में ही देख पाएंगे। हैरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम के फाउंडर तरुण ठुकराल कहते हैं कि उन्होंने म्यूजियम में कई ऐसे व्हीकल्स रखे हैं, जिन्हें कबाड़ में से खरीदा गया है, तो कुछ ऐसे भी व्हीकल्स भी हैं, जिसे उन्होंने बोली लगाकर खरीदा है। यह देश का पहला ट्रांसपोर्ट म्यूजियम है, जहां गांव की बैलगाड़ी से लेकर विदेशों की लग्जरी कार और इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके ट्रांसपोर्ट तक के सभी व्हीकल्स मौजूद हैं।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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