Devbhumi Par Trekking Ke Liye Jaruri Hai Yeh Jaankari | NightBulb.in

देवभूमि पर ट्रैकिंग के लिए जरूरी है यह जानकारी

उत्तराखंड में इन दिनों भले ही बारिश के कारण टूरिज्म अस्तव्यस्त हो गया है, लेकिन भविष्य में अगर आप कभी उत्तराखंड में यात्रा करना चाहते हैं और एडवेंचर ट्रिप के लिए जाना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। आज हम आपको वो बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें इंटरनेट पर ढूंढ पाना शायद ही संभव हो। यह जानकारी काफी साधारण है, लेकिन हर एक व्यक्ति के काम की है।

देवभूमि उत्तराखंड आस्था के साथ-साथ एडवेंचर ट्रिप बनाने की खास जगह मानी जाती है। उत्तराखंड के हरिद्वार से लेकर चार धाम की यात्रा पर देवी-देवताओं के पूजन के साथ-साथ यूथ और विदेशी टूरिस्ट यहां एडवेंचर गेम्स जैसे राफ्टिंग, बंजी जंपिग, ट्रैकिंग(Trekking) आदि के लिए आते हैं। ऐसे में आपको यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि उत्तराखंड में ट्रैकिंग(Trekking) के वक्त आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • उत्तराखंड में कुल 123 ट्रैक हैं, जहां टूरिस्ट ट्रैकिंग के लिए जाते हैं। इनमें सबसे पॉपुलर ऋषिकेश, जोशीमथ, गुप्तकाशी, उत्तराकाशी, यमुनोत्री, नेटवर, भागेश्वर और अलमोरा हैं।

  • कई ट्रैक ऐसे हैं, जहां आपको सिर्फ कैंपिंग करने के लिए फीस देनी होती है, जबकि कुछ ऐसे भी हैं, जहां जाने के लिए आपको एडवांस बुकिंग करनी होती है। यह जानकारी इसलिए जरूरी है, ताकि आप उत्तराखंड पहुंचे और आप ट्रैकिंग न कर पाएं।

  • ट्रैकिंग(Trekking) करने से पहले ट्रैकिंग से जुड़े सभी सामान खरीद लें, ताकि कोई परेशानी न हो। ऑनलाइन तो ट्रैकिंग के सभी सामान उपलब्ध होते हैं, लेकिन फिर भी भूल गए हैं, तो उत्तराखंड में ऋषिकेश, देहरादून, जोशीमथ, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी में ट्रैकिंग की दुकानें आपको आसानी से मिल जाएंगी।

  • ट्रैकिंग(Trekking) के वक्त हादसे हो जाते हैं। ऐसे में खुद को सुरक्षित करें और अपना ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर करवाएं।

  • ट्रैकिंग(Trekking) के दौरान किसी भी वक्त इमरजेंसी होने पर SDRF (State Disaster Response Force) से तुरंत संपर्क करे।

  • ट्रैकिंग(Trekking) के लिए पहली बार जा रहें हैं, तो याद रखें उत्तराखंड सरकार (camping fees) कैंपिंग फीस, (Trekking fees) ट्रैकिंग फीस, गाइड जैसी कुछ फीस आपसे लेती हैं।

  • वैसे तो ट्रैकिंग(Trekking) के लिए नॉर्मल स्वस्थ व्यक्ति भी जा सकता है, लेकिन उत्तराखंड के कुछ ट्रैक ऐसे हैं, जहां के लिए आपको रोजाना की प्रेक्टिस की जरूरत होती है। ऐसे में नए हैं, तो छोटे ट्रैक को ही अपनी राह बनाएं।

  • अगर आपको कोई चोट लगती है, तो सरकारी गाइड आपको प्राथमिक उपचार यानी First Aid की सुविधा मुहैया कर सकते हैं।

  • सबसे खास बात, पहाड़ों पर मौसम को बदलने में देर नहीं लगती। ऐसे में ट्रैकिंग(Trekking) करने के साथ-साथ पहाड़ों पर यात्रा के लिए मई से मिड जुलाई और मिड सितंबर से मिड नवंबर तक ट्रैकिंग पर जा सकते हैं।

  • उत्तराखंड के लिए टूरिस्ट का ध्यान भगवान की तरह रखा जाता है। लेकिन आप सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं, तो सरकार की GMVN और KMVN टूर ऑपरेटर के जरिए अपनी यात्रा कर सकते हैं।

Image Source: www.himalayanadventurejourney.com

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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