Mahatama Gandhi Ka Chutha Bandar'Bura Mat Sungho' Kitna Kaamyab?-NightBulb.in

महात्मा गांधी का चौथा बंदर ‘बुरा मत सूंघों’ कितना कामयाब? पढ़िए यह रिपोर्ट

2 अक्टूबर के ही दिन साल 2014 में केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी की राह पर चलने का फैसला लेते हुए देश को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया था। इसकी शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 के दिन अपने भाषण से की थी। आज इस बात को पूरे चार साल हो चुके हैं, इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सरकार ने जिस संकल्प को लिया था, क्या वह सिर्फ भाषण का हिस्सा था, यह जमीनी स्तर पर कुछ हुआ भी है।

हम आज यानी महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आपको कुछ ऐसे आंकड़ें बताएंगे, जो महात्मा गांधी जी की राह पर चलाए जा रहे नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी है।

  • साल 2014 तक खुले में शॉच करने वाले गांव 7 पर्सेंट से भी कम थे, जबकि इस साल खुले में शॉच न करने वाले गांव की संख्या 83 पर्सेंट से भी अधिक हो चुकी है।

  • अब सिक्कम एक ऐसा राज्य भी बन चुका है, जहां खुले में शॉच पर 100 पर्सेंट लगाम लगाई जा चुकी है।

  • साल 2014 तक देश भर में सिर्फ 43.02 पर्सेंट घर ऐसे थे, जिनके अंदर टॉयलेट की सुविधा थी । लेकिन देश में साल 2014 से अभी तक 8 करोड़ 67 लाख से अधिक टॉयलेट बन चुके हैं। यानी 85 पसेंट से अधिक घरों तक टॉयलेट पहुंच चुके हैं।

  • सरकारी आंकड़े बताते हैं, साल 2014 से अभी तक 5 लाख से अधिक गांव खुले में शॉच से मुक्त हो चुके हैं।

  • नमामी गंगे के जरिए 4465 गांव को शॉच मुक्त किया जा चुका है।

  • देश भर में 513 जिले खुले में शॉच से मुक्त हैं।

  • 25 राज्य ऐसे हैं, जिनमें काफी हद तक खुले में शॉच करने पर रोक लगाई जा चुकी है।

Content Source: www.sbm.gov.in

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त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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