‘Statue Of Unity’ के अलावा यहां भी बनेंगी मूर्ति-प्रतिमाएं और…

भारत सरकार कई ऐसे प्रोजेक्ट ला रही है, जो भारत को टूरिज्म में बढ़ावा देने के लिए सहायक होंगे, साथ ही भारत में लाखों नौकरियां युवाओं को मिलेगी।

दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा आज भारत में स्थित है। 31 अक्टूबर के दिन देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। स्टेचू ऑफ यूनिटी की
तरह अब देश में कई अन्य प्रोजेक्ट भी लाए जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। हम आपकाे
आज ऐसे प्रोजेक्ट की जानकारी दे रहे हैं, जिनपर बीजेपी से जुड़ी देश के अन्य राज्य सरकारें काम कर रही हैं।

  • शिवाजी स्टेचू या शिव स्मारक :  इसे छत्रपति शिवाजी मेमोरियल भी कहा जाता है। इस मूर्ति की स्थापना अरब सागर में महारष्ट्र से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मानव द्वारा निर्मित एक आइलैंड पर की गई है। इस मूर्ति की लंबाई 190 मीटर होगी। इसकी आधारशीला 24 दिसंबर 2016 के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। काम पूरा होने के बाद यह प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बन जाएगी। यहां मूर्ति के साथ थिएटर, फूड कोर्ट, होटल आदि का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरे होने का अनुमान साल 2021 है।

  • वृंदावन चंद्रादया मंदिर, वृंदावन : इस मंदिर का निर्माण वृंदावन में 30 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 700 फुट होगी। इसमें कुल 70 मंजिल बनकर तैयार की जाएंगी। इस मंदिर का निर्माण एस्कॉन सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। इस मंदिर में 4 बड़े मंदिर और 12 फॉरेस्ट बनाए जाएंगे। मंदिर इतना हाइटेक है कि भूंकप का असर न होने के साथ- साथ इस मंदिर में फूड कोर्ट, गार्डन एरिया, पार्किंग सब कुछ मौजूद होगा। इसे बनाने में करीब 700 करोड़ रुपये लगेंगे।

  • श्रीराम की प्रतिमा, अयोध्या : हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अयोध्या में श्रीराम की प्रतिमा बनाने की भी घोषणा की है। कहा जा रहा है कि इस मूर्ति की लंबाई लगभग 150 मीटर होगी। बीजेपी का कहना है कि राम मंदिर का फैसला कोर्ट में सुरक्षित है, लेकिन प्रतिमा उन लोगों के मूंह बंद करेगी, जो बीजेपी सरकार को राम मंदिर पर घेरने में जुटे हुए हैं।

  • गिफ्ट सिटी, गुजरात : इसे नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किया था। इसका निर्माण गांधीनगर और अहमदाबाद के बीच किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद यह भारत का पहला फाइनेंशियल हब होगा, साथ ही पहली ऑपरेशनल स्मार्ट सिटी भी कहा जाएगा। ऐसे हब हॉंगकांग और मलेशिया में मौजूद हैं। इसके पहले और दूसरे चरण का काम पूरा हो चुका है। यहां कुछ कंपनियां स्थापित होकर काम भी शुरू कर चुकी हैं।

  • वर्ल्ड वन टॉवर : वर्ल्ड वन टॉवर को 40 एकड़ जमीन पर साउथ मुंबई में किया जा रहा है। यह पूरा होने के बाद दुनिया की पहली ऐसी बिल्डिंग होगी, जहां लोग जिंदगी बितांएगे। दरअसल, अभी तक कॉरपोरेट टॉवर ही दुनिया भर में मौजूद हैं, जहां लोग नौकरी करते हैं। इसकी अनुमानित लागत 2400 करोड़ रुपये है। 1400 फुट ऊंची इस लंबी इमारत में कुल 117 मंजिल हैं। कहा जा रहा है कि यह 2019 तक बनकर तैयार हो जाएगी।

  • चैनाब नदी पर रेलवे ब्रिज : जम्मू – कश्मीर पर मौजूद चैनाब नदी पर बनाए जा रहा रेलवे का यह ब्रिज एफील टॉवर से भी ऊंचा होगा, साथ ही दुनिया का ऊंचा रेलवे ब्रिज भी इसे कहा जा सकता है। इसकी कुल लंबाई जमीन से 359 मीटर होगी। इसे बनाने के लिए कांक्रीट और स्टील का प्रयोग किया जा रहा है। 1200 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा यह ब्रिज भूकंप और ब्लास्ट से भी निपट सकेगा।

 

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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