जानिए कौन थे बॉर्डर फिल्म के सनी देयोल?

बॉर्डर फिल्म के बारे में कौन नहीं जानता। यह फिल्म एक ऐसी सच्ची घटना पर आधारित है, जो देश के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है। भारतीय सेना के कुछ जवानों ने पाकिस्तान की पूरी बटालियन को पीछे खदेड़ दिया था। हांलाकि, इसका सबसे ज्यादा श्रेय कुलदीप सिंह को ही दिया जाता है, जिनका किरदार बॉर्डर फिल्म में बॉलीवुड के मशहूर एक्टर सनी देयोल ने निभाया था।

कौन थे कुलदीप सिंह? आइए आपको बताते हैं :-

1965 और 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान के खिलाफ ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का अहम रोल रहा है। उन्होंने 1971 की लड़ाई में अपनी छोटी सी सैनिक टुकड़ी के साथ पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। पाकिस्तान की फौज को घुटने टेकने के लिए भी मजबूर कर दिया था। जबकि वह मात्र 90 सैनिकों के साथ बॉर्डर पर थे और पाकिस्तान की ओर से 2000 सैनिकों की पूरी बटालियन ने उनकी पोस्ट पर हमला किया था। कहा जाता है कि यह इतिहास का एकमात्र एेसा वाक्या है, जहां इतनी छोटी सैनिक टुकड़ी ने दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए हों। जैसा की फिल्म में दिखाया गया है, लगभग वैसे ही हालात उस वक्त कुलदीप सिंह के सामने थे। 1971 की लड़ाई में कुलदीप सिंह ने लोंगोवाला चेकपोस्ट संभाली हुई थी, जहां उन्हें पाकिस्तान की सैना को रात भर रोकना था।लेकिन मामला कुछ यूं हुआ कि पाकिस्तान सेना को उन्होंने रोका ही नहीं, बल्कि पीछे खदेड़ दिया।

भारत सरकार कर चुकी है कुलदीप सिंह को सम्मानित

इस शोर्य वीर कुलदीप सिंह को भारत सरकार ने महावीर चक्र के साथ सम्मानित भी किया है। इतना ही नहीं, साल 2004 में दिल्ली के एक कार्यक्रम में बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह की खुले मंच से तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने पाकिस्तान की सेना को ऐसे खदेड़ा कि आज तक पाकिस्तान की सीधा युद्ध करने की हिम्मत आज तक नहीं हुई।

कुलदीप सिंह का हो चुका है निधन

हाल ही में ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का उनके घर पर निधन हो गया। वह अपना इलाज विदेश में करा रहे थे, लेकिन उनका मन नहीं लगा और वह वापस लौट आए, जिसके बाद उनका 17 नवंबर 2018 को सुबह साढ़े आठ बजे निधन हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। कहा जाता है कि उन्हें ब्लड कैंसर था, जिसका इलाज वे कनाडा में करा रहे थे।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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