Sharab Pine Mai V Pakistan Se Aage Hai Bharat | Night Bulb-Hindi Blog

शराब पीने में भी पाकिस्तान से आगे है भारत

पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जो भारत से भले ही सिर्फ आतंकवादी पैदा करने में आगे हो सकता हो, लेकिन बाकी सभी चीजों में तुलना की जाए, तो भारत हमेशा पाकिस्तान से आगे खड़ा दिखाई देता है। गंभीर मुद्दों पर पाकिस्तान से तुलना भी करना समय व्यर्थ करने के बराबर है। हम आपको एक दिलचस्प बात बताते हैं। क्या आप जानते हैं अगर शराब पीने की जिद में पाकिस्तान और भारत के शराबी के बीच शर्त लग जाए तो भी भारत का शराबी ही जीतेगा।

जी हां, आंकड़े तो कुछ यूं बयां करते हैं। भारत में एक व्यक्ति जितनी शराब साल भर में पीता है, उतनी शराब पाकिस्तान में 50 लोग पीते हैं। चौकिंए मत, इतना ही नहीं, पाकिस्तान दुनिया में भी सबसे कम शराब पीने वाला मुल्क है। आंकड़े इकट्ठा करने वाली एक वेबसाइट के मुताबिक, भारत में साल भर के भीतर पक्की शराब का सेवन प्रति व्यक्ति 4.3 लीटर होता है यानी एक साल के भीतर भारत में औसतन 40 बोतलें प्रति व्यक्ति शराब पी जाती है। जबकि, पाकिस्तान में 100 मिलीलीटर यानी सिर्फ चार बोतल प्रति व्यक्ति शराब का सेवन किया जाता है। यह वो आंकड़ा है, जिसको ध्यान से समझें तो पता चलेगा कि जितनी शराब पाकिस्तान का व्यक्ति साल भर में पीता है, उतनी शराब एक व्यक्ति एक रात में दोस्तों के साथ पी जाता है।

दुनिया में यहां सबसे अधिक शराब पी जाती है

अन्य देशों की बात करें, तो बेलारूस में सबसे अधिक 17.5 लीटर पक्की शराब यानी 1750 बोतलें प्रति व्यक्ति साल भर में पी जाती है। इसके बाद मोलडोवा, लिथूनिया, रूस, रोमानिया और युक्रेन हैं, जहां सबसे अधिक शराब पी जाती है। ब्रिटेन 25वां सबसे अधिक शराब का सेवन करने वाला देश है। यहां 110 बोतलें शराब प्रति व्यक्ति साल भर में पी जाती है। आपको बता दें कि यह सभी आंकड़े औसत के अनुसार निकाले गए हैं। जिसके मुताबिक प्रति व्यक्ति के अनुसार शराब की खपत को नापा गया है।

यहां शराब का सेवन सबसे कम होता है

दूसरी ओर, सबसे कम शराब का सेवन करने वाले देशों की बात करें, तो उनमें सबसे पहले पाकिस्तान का नाम आता है। इसके बाद लिबिया, कुवेत आदि खाड़ी देश आते हैं। कहा जाता है कि यहां गर्मी के कारण शराब का सेवन कम किया जाता है। वहीं एक और वजह मुस्लिम देशों में शराब पर पाबंदी भी है।

नोट: हम शराब के सेवन को स्वास्थय के लिए नुकसानदायक मानते हैं। यह खबर मात्र सूचना देने के लिए लिखी गई है। हम शराब आदि किसी भी तरह के नशा के सेवन करना का प्रचार नहीं करते।

Content source: www.carto.com
Image source: www.whiskyflavour.com

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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