Doctor V Nahi Btate Depression Se Bachne Ke Ye Upay | NightBulb.in

डॉक्टर भी नहीं बताते डिप्रेशन से बचने के ये उपाय

डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है, जो शहरों में रहने वाली जनसंख्या में तेजी से हावी हो रही है। कई सर्वें कहते हैं कि पैसे की चाह और बढ़ती इच्छाओं के कारण आम लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इसका प्रभाव अकेले उसी इंसान पर नहीं पड़ता, बल्कि यह परेशानी पूरे घर के लिए परेशानी का कारण बनती है। डॉक्टरों का मानना है कि दिमाग पर बोझ डालने से डिप्रेशन की परेशानी होती है। लेकिन हमारा कहना कुछ अलग है।

हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जो खुद डॉक्टर भी नहीं बताते हैं। जरा सोचिए डिप्रेशन जैसी बीमारी अगर आपको छू भी न सके। यानी जो लोग डिप्रेशन से अभी तक दूर हैं, उन्हें जिंदगी भर डिप्रेशन के होने की चिंता नहीं रहेगी। इस उपाय से निसन्देंह आपको मानसिक तौर पर किसी भी समस्या का सामना करना नहीं पड़ेगा। यह जानकारी पुराणों से ली गई है।

संयम बना कर जरूर रखें

आपको अपने घर में जरूर सुनने को मिलेगा कि जीभ पर काबू रखना चाहिए, ताकि उल्टा-पुल्टा खाने से शरीर खराब न हो। कुछ ऐसे ही जीब पर काबू बोलते वक्त भी रखना चाहिए। साइंस यानी विज्ञान की मानें तो, हम जैसा बोलते हैं, वैसा ही हमारा मन हो जाता है। बोलते वक्त हमारे दिमाग के ज्ञान तन्तुओं को हानि पहुंचती है, जिससे बड़ी से बड़ी समस्याओं में हमारा दिमाग काम नहीं करता, जिसका नुकसान हमें जल्दबाजी के फैसलों की वजह से होता है।

झूठ कभी न बोलें

झूठ एक ऐसी शुरूआत होती है, जिसका अंत बुरा ही होता है। आपको किसी न किसी रूप में नुकसान होता ही है। अब वे चाहे धन का हो या फिर आपकी इज्ज्त का। ऐसे में अगर हम झूठ बोलना छोड़ देते हैं, तो आपका दिमाग बिना गहराई में जाए बिना सोचेगा और उचित फैसला लेगा। ज्यादा सोचने से ही डिप्रेशन की शुरूआत होती है।

घमंड न करें

यह बात बड़ी अटपटी लगेगी, लेकिन घमंड करने से भी डिप्रेशन की समस्या पैदा होती है। दरअसल, घमंड करने पर दूसरों से होड़ शुरू हो जाती है। घमंड तभी आता है, जब आप जीतते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन घमंड आने के बाद अगर आप हारते हैं, तो वह हार आपसे बर्दाशत नहीं हो पाती। बर्दाशत न कर पाना ही डिप्रेशन को बुलावा देना है।

घृणा न करें

आज का वक्त सिर्फ कीमत जानता है। यानी आपको इंसान से ज्यादा पैसों की जरूरत होती है। यही वजह है कि अब लोग पैसे कमाने की होड़ में कब घृणा शुरू कर देते हैं।

क्रोध तो बिल्कुल न करें

जब आप डिप्रेशन में आ चुके होते हैं या फिर डिप्रेशन में आने वाले होते हैं, तभी आपको क्रोध ज्यादा आता है। ऐसे में क्रोध पर काबू पाना बेहद जरूरी है। गुस्सा आने पर हम नुकसान करते हैं और उसका असर आपको डिप्रेशन के दलदल में डाल देता है।

छल-कपट बिल्कुल न करें

कपट करने वाला व्यक्ति भी लड़ाई-झगड़े में शामिल रहता है। हालांकि, उसके छल-कपट के व्यवहार की वजह से उसकी हिंसा दिखाई नहीं देती।

Image source: www.midday.com

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