Email, Message और Phone call पर फर्जीवाड़े से यूं रहें सावधान

इमेल हो या मोबाइल फोन, आजकल कहीं भी आप जालसाज या धोखेबाजों से सुरक्षित नहीं हैं। पहले धोखेबाजी सड़कों पर की जाती थी, लेकिन तकनीकी ज्ञान न होने के कारण यह लोग आसानी से अब अपना शिकार ऑनलाइन भी बनाने लगे हैं। फ्रॉर्ड कॉल, फ्रॉड मैसेज और फ्रॉड इमेल(Email) आज बड़ा धोखेबाजी का केंद्र बन चुका है। दुनिया भर में करोड़ों रुपये का चुना आए दिन लगाया जाता है। एक ताजा सर्वे में आया है कि इमेल(Email) पर हर 100 आनी वाले मेल में से 1 मेल ‘स्केम’ होती है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप इन जालसाजों से इमेल के साथ-साथ फोन पर भी बच सकते हैं।

  • धोखेबाजी या जालसाजी करने का सबसे बड़ा और आसान तरीका होता है- लालच देना। यह एकमात्र ऐसा तरीका है, जिसमें ज्यादातर लोगों के फंसने के चांस होते हैं। जालसाजी करने वाले इमेल पर आपको जॉब ऑफर, 90 पर्सेंट डिस्काउंट और आप बंपर प्राइज जीत गए हैं आदि इमेल(Email) भेजते हैं।

  • इमेल(Email) पर स्पेम जैसे मामले सबसे ज्यादा होते हैं। इसलिए आपको अपनी इमेल आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। इसके लिए आप अपनी इमेल आईडी की सेटिंग में जाकर सबसे पहले प्राइवेसी सेटिंग को बदलें, ताकि आपके पास आप जान-पहचान वाले ही मैसेज भेज सकें। इमेल आईडी की कंपनियां यह सर्विस मुहैया कराती हैं। जबकि हम इस सुविधा पर ध्यान नहीं देते, जिसका नुकसान बाद में हमें दिखाई देता है।

  • मोबाइल पर फ्रॉड मैसेज और कॉल से बचने के लिए आप अपने मोबाइल की सेटिंग में जाकर अंजान नंबरों के मैसेज और कॉल से भी बच सकते हैं। इसके लिए मोबाइल कंपनियां कई तरीके इजात कर चुकी हैं। आपको मात्र कस्टमर केयर पर कॉल करनी है और डू नॉट डिस्टर्ब के लिए रिक्वेस्ट करनी है।

  • मैसेज सैटिंग या फिर कॉल सेटिंग में जाकर भी आप फेक कॉल और फेक मैसेज भेजने वाले को ब्लॉक कर सकते हैं। या फिर आप स्पेम कॉल व मैसेज का पता लगाने के लिए टू-कॉलर जैसी एप्लीकेशन भी फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप्लीकेशन आपको फर्जी कॉल का पता लगाने में मदद करती है।

  • अगर आपके पास किसी कंपनी का मैसेज या कॉल बार-बार आए तो आप उस नंबर या मेल आईडी को जांच लें कि यह कहीं फर्जी तो नहीं। इमेल आईडी के केस में आप भेजने वाले के नाम के साथ इमेल आईडी को वेरिफाई करें। जबकि कॉल या मैसेज के लिए आप एप्लीकेशन का सहारा लें। हो सकता है कि किसी नामी कंपनी के नाम पर आपके साथ धोखेबाजी की जा रही हो या करने की फिराके में हो।
  • फर्जी मेल(Email) को पहचानने के लिए मेल आप इमेल आईडी का एड्रेस देखकर पता लगा सकते हैं। ईमेल पर जालासाजी करने वालों की इमेल आईडी कंपनी के डोमेन नाम से अलग होती है और वो अपने मेल में आपके नाम को चिन्हिंत नहीं करते। उनकी इमेल में ‘Dear Customer’ जैसे शब्द ही प्रयोग होते हैं। यानी उन्हें नहीं पता कि वह किसे इमेल भेज रहे हैं। वह बस चाहते हैं कि उनके जाल में कोई न कोई फंस जाए।

  • जब भी आप अपने इमेल(Email) आईडी खोलते हैं, तो हमेशा याद रहे आपको जल्दबाजी में कोई भी मेल नहीं खोलनी। हो सकता है स्केम करने वाली मेल को खोल दें और आपकी जेब खाली हो जाए। दरअसल, एक मेल ऐसी भी होती है, जिसको क्लिक करने पर आपके कम्पयूटर से डाटा निकाल लिया जाता है।

  • कोई भी मेल आपको ऐसी लगे कि यह स्पेम या आपके मन में शक पैदा करती है, तो आप उसको जरूर रिपोर्ट करें। रिपोर्ट करने का तरीका इमेल एकाउंट में होता है।

  • इन मेल से बचने के लिए हम आपने मोबाइल और लेपटॉप-कम्पयूटर में एंटी वायरस भी डाल सकते हैं। यह न सिर्फ हमें अलर्ट रखता है, बल्कि भविष्य में होने वाले नुकसान से भी बचाता है। एंटी वायरस आपके लेपटॉप, मोबाइल, कम्यूटर की स्पीड भी बढ़ाता है।

Image Source : www.pixels.com

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

Leave a reply:

Your email address will not be published.

Site Footer