मुश्किलों के दौर से…

मुश्किलों के दौर से गुज़र रहा हूँ मैं
सही रास्ते की तलाश में भटक रहा हूँ मैं
 
कितने दिनों के लिए होगी क़िस्मत से मेरी ये अनबन
इसका पता जिसको है, उसे ढूँढ रहा हूँ मैं
 
वैसे तो भरोसा भी सिर्फ़ कर्मों पर है मुझे
लेकिन इस स्थिति की वजह भी पता कर रहा हूँ मैं
 
ग़लतियाँ कर दी इतनी की जुर्माने की रक़म कम पड़ गयी
यही वजह है कि ज़िंदगी में अभी से ये सब देख रहा हूँ मैं
 
ज़िन्दगी के इस पल में तकलीफ़ तो बहोत हो रही है
लेकिन इस दर्द को भी ख़ुशी से झेल रहा हूँ मैं…

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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