ये हैं हरिद्वार के मशहूर “Video Wale DM Sahab”

जहां एक तरफ सोशल मीडिया आम लोगों को अपने लोगों से जोड़ने का काम करता है, तो दूसरी ओर, राजनेताओं के लिए सोशल मीडिया एक जरिया है, उन्हें उनकी जनता तक पहुंचाने का। इस बीच एक ऐसा भी तबका खड़ा होता है, जो सोशल मीडिया से अपनी पहचान बनाने का काम करता है। आज उसी तबके से हम उन आईएएस अधिकारी की बात करने जा रहे हैं, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं। भले ही वह एक राज्य के छोटे से जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हैं, लेकिन वे फेसबुक पर आज देश भर के लोग की पसंद बन रहे हैं। आइए जानिए कौन हैं ये आईएएस आफिसर

इन्हें कहा जाता है- वीडियो वाले डीएम (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट)

इन्हें सोशल मीडिया पर वीडिया वाले डीएम कहा जाने लगा है। इनका नाम आईएएस दीपक रावत है, जो इन दिनों हरिद्वार में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हैं। दीपक रावत हरिद्वार में काफी चर्चित हैं, लेकिन जैसे- जैसे इनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होनी शुरू हुई हैं, इन्हें देश के अन्य राज्यों से भी भरपूर प्यार मिल रहा है दीपक रावत के पर्सनल पेज पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। हालांकि, दीपक रावत की तहकीकात या फिर कहें जांच और निरिक्षण की वीडियो उनके पर्सनल वॉल पर देखने को नहीं मिलतीं। आईएएस दीपक रावत का एक फेन कल्ब पेज है, जिस पर कुल फॉलोअर की संख्या एक लाख 16 हजार तक पहुंच चुकी है।

कभी पहुंच जाते हैं अस्पताल, तो कभी शराब के ठेके पर

आईएएस दीपक रावत का अपना अलग अंदाज है। सफर में चलते हुए जहां कहीं भी उन्हें लगता है कि उन्हें कुछ गलत लग रहा है, वो वहीं पहुंच जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक अस्पताल का निरीक्षण किया, तो डॉक्टर साहिबा अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं, तो डीएम साहब ने क्लास ले ली। दूसरी ओर, एक दिन शराब के ठेके पर चले गए, तो खुले में शराब पिलाने वालों को धर पकड़ लिया। इतना ही नहीं, दीपक रावत गांव में खुलेआम बिजली चोरी पकड़ना, ओवरलोड स्कूल बस का चालान कटवाना जैसे कई वीडियो आपको फेसबुक पर मिल जाएंगी।

Youtube पर हैं 4 लाख से अधिक फॉलोअर

आईएएस दीपक रावत के यू-ट्यूब पर 4 लाख 29 हजार फॉलोअर हैं, जहां उनकी हर वीडियो आपको देखने को मिल जाएगी। ये वीडियो न सिर्फ पुख्ता सबूत के तौर पर काम आती हैं, बल्कि आम लोगों को जागरूक करने का भी काम करती हैं।

खैर, हम तो यही कहेंगे, भले ही काम खुद को मशहूर यानी पॉपुलर करने के लिए किया जा रहो, लेकिन देशहित के लिए कोई भी काम होता है, तो उसे हम जरूर सराहना चाहिए।  

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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