दान सिंह को आज कोई याद नहीं करता

बॉलीवुड के पहले पर्दे पर काफी चमक-दमक रहती है। लेकिन इस चमक के पीछे कई ऐसे भी नाम होते हैं, जिनके बिना यह चमक फीकी पड़ सकती है। हालांकि, उन्हें कोई याद नहीं करता, हमें तो जो दिखता है, हम सिर्फ उसे ही याद रखते हैं। जी हां, फिल्मी सितारे।

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कई बड़े सितारों को उठाने में अहम रोल निभाया था। उन शख्स का नाम है दान सिंह। दान सिंह एक संगीतकार थे।

दान सिंह को आप ऐसे जान सकते हैं कि उन्होंने अपनी 1970 में शशि कपूर और शर्मिला टैगोर की आई फिल्म माई लव से फिल्मी सफर शुरू किया था। इस फिल्म के गाने लोगों की जबां पर काफी समय तक चढ़े हुए थे।दान सिंह का इस फिल्म का मशहूर गाना कौन भूल सकता है।

“जिक्र होता है जब कयामत का तेरे जलवों की बात होती है, वो तेरे प्या का गम इकबहाना था सनम वर्ना अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी कि दिल टूट गया”

दान सिंह का जन्म 14 अक्टूबर, 1932 में जयपुर में हुआ था। दान सिंह बचपन से ही संगीत के शौकीन थे और उन्होंने यह शौक पूरा भी किया और मुंबई आकर संगीतकार खेमचंद प्रकाश के शिष्य बन गए। इसके अलावा भी दान सिंह ने कई अन्य फिल्मों में बेहद कर्णप्रिय संगीत दिया, लेकिन उनका दुर्भाग्य रहा कि कुछ फिल्में डिब्बे में बंद रह गईं और दान सिंह विस्मृतियों के गर्त में चले गए। आज उनकी पत्नी डॉक्टर उमा याजनिक जयपुर में रहती हैं, जबकि दान सिंह का जयपुर में ही जून 2011 में निधन हो गया था।

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