कोई मुझे बताएगा की बचपन कैसे वापस आएगा

कोई मुझे बताएगा की 
बचपन कैसे वापस आएगा

कब झूलों पर दुबारा झूल पाऊँगी
लुका छुपी में दोस्तों को जीत कर दिखाऊँगी

जवानी की सिरदर्दी में तो
वही वक़्त याद आता है
छोटे बच्चों का बचपन
मुस्कान चेहरे पर लाता है

बचपन में नहीं थी कोई सोशल मीडिया
वट्सएप पर स्टैटस कभी अपडेट नहीं किया
फ़ेसबुक पर नहीं, पड़ोस में थी मेरी दोस्त
बाक़ी मेरी नज़रें नहीं करती थी कोई खोज

रिमोट कार से मैं करती थी
अपने सपनों का सफ़र
पापा की दिलाई डॉल का
आज भी है मुझपर असर

बार्बी की तरह अब मैं
सँवारती हूँ अपने बाल
जिन्हें देखकर लड़के क्या
लड़कियों का भी होता है बुरा हाल

ये मेरा मेरे बचपन को याद करने का तरीक़ा है
सच कहूँ बचपन को वापस पाने का दिल करता है

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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