जब 93,000 छोड़ दिए, लेकिन 54 की घर वापसी नहीं हो पाई

इंडियन एयर फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की वापसी पर पूरा देश जश्न मना रहा है। मात्र 60 घंटे के भीतर एक जवान को पाकिस्तान से वापस लाना भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ। कमांडर नचिकेता को भी सरकार 8 दिन में वापस लाने में कामयाब हुई थी। आज हम आपको एक ऐसे वक्त की जानकारी दे रहे हैं जिसे कम से कम आज याद करना बेहद जरूरी है। ऐसे में एक वक्त हमें नहीं भूलना चाहिए, जब भारत ने 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को पाकिस्तान को लौटाया था और भारत पाकिस्तान से अपने मात्र 54 सैनिकों को वापस लेने में कामयाब नहीं हुआ था।

 

यह किस्सा उस वक्त का है जब बांग्लादेश की आजादी के लिए पाकिस्तान और भारत के बीच हुए युद्ध में भारत की बड़ी जीत हुई थी। भारत पूर्व पाकिस्तान को बांग्लादेश बनाने में सफल रहा तो साथ ही देश की जाबांज भारतीय सेना के कुछ जवानों ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों से सरेंडर करवा लिया था। इन सैनिकों को अपने हथियार छोड़ने पड़े थे। माना जाता है कि मात्र सवा सौ सैनिकों ने इस काम को अंजाम दिया था।

 

इस युद्ध में भारत को मिली सफलता से विपक्ष के नेता रहे और बाद में भारत के बने प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने उस वक्त की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी को दुर्गा तक कह दिया था। कांग्रेस तो इंदिरा को Iron Lady कहने लगी थी। हालांकि, आज भी इंदिरा गांधी को Iron Lady कहा जाता है। इतना ही नहीं, उस वक्त इस युद्ध की सफलता का श्रेय भी इंदिरा गांधी को ही दिया गया था।

 

93,000 वापस किए लेकिन 54 नहीं वापस ला सकीं इंदिरा

 

1971 में पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध में 54 जवान लापता हो गए थे। इन जवानों के न तो शव मिले थे और न ही पाकिस्तानी सेना ने अपने पास होने की बात कही थी। कहा जाता है कि पाकिस्तान ने साफ तौर पर जवानों को कैद या बंदी बनाए जाने की बात भी खारिज कर दी थी, जबकि भारत की ओर से सरेंड किए गए 93,000 सैनिकों को पाकिस्तान को वापस दे दिया था। भारत के सैनिकों को वापस किए गए जाने के बाद पाकिस्तान ने हमेशा की तरह अपना रुख बदल दिया था। उस वक्त सरकार का कहना था कि शिमला समझौते होने के बावजूद पाकिस्तान ने भारत के साथ धोखा दिया था।

आज हम आपको पाकिस्तान के दौगले पन के कुछ सबूत देते हैं।

  • 1972 में टाइम मैग्जीन ने एक फोटो छापी थी, जिसमें पाकिस्तान की जेल को दिखाया गया था। माना जाता है कि उसमें भारतीय जवान थे, जिनके परिवार ने उन्हें पहचाना था। परिवार का मानना था कि उनका बेटा युद्ध में शहीद हो गया था।

 

  • युद्ध के दौरान दिसंबर 1971 में पाकिस्तान के एक लोकल अखबार में जानकारी दी गई थी कि पाकिस्तान ने भारत के एक जवान को पकड़ा है। वह जवान MIG-21 चलाते हुए पाकिस्तान में चला गया, जहां पाकिस्तानी सेना ने उसे पकड़ लिया था। बाद में उसी जवान के होने की बात पाकिस्तान की सरकार ने खारिज कर दी थी।

 

  • 1989 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जब भारत आए, तब उन्होंने भी माना था कि 54 सैनिकों को पाकिस्तान की कस्टडी में रखा गया था। हालांकि, मुर्शरफ जब प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने भी इस बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

 

  • The Missing 54 नाम से भी विकिपिडिया पर पूरी जानकारी मिली है, जिसमें भारत के जवानों के होने के सबूत भी बताए गए हैं।

ये थे देश के 54 जवान जिन्हें देश कभी नहीं भूल सकता

Indian Army 

Lieutenants
  • Lt. Vijay Kumar Azad – IC-14457 (1/9 The Grenadiers)
Captains
  • Capt. Ravinder Kaura – SS-20085 (Med Regiment)
  • Capt. Giri Raj Singh – IC-23283 (5 Assam)
  • Capt. Om Prakash Dalal – SS-22536 (The Grenadiers)
  • Capt. Kalyan Singh Rathod – IC-28148 (5 Assam)
  • Capt. Kamal Bakshi – IC-19294 (5 Sikh)
  • Capt. Vashisht Nath
  • Capt. DS Jamwal – 81st Field Regiment
  • Capt. Washisht Nath Attock
Second lieutenants
  • 2nd Lt. Sudhit Mohan Sabharwal – SS-23957 (87th Lt. Regiment)
  • 2nd Lt. Paras Ram Sharma – SS-22490 (The Grenadiers)
Majors
  • Major SPS Waraich – IC-12712 (15 Punjab). It was reported that he was shot shortly after being taken prisoner.
  • Major Kanwaljit Singh Sandhu – IC-14590 (15 Punjab)
  • Major Suraj Singh – IC-18790 (15 Rajput)
  • Major Ashok Suri – SS-19807 (5 Assam)
  • Major Jaskiran Singh Malik – IC-14457 (8 Rajput Rifles)
  • Major SC Guleri – IC-20230 (9 Jat)
Subedar
  • Sub. Assa Singh – JC-41339 (5 Sikh)
  • Sub. Kalidas – JC-598 (Jakli)
Naik Lieutenant
  • Lt. N. Jagdish Raj – 9208735 (Mahar Regiment)
  • Lt. N. Hazoora Singh – 682211303
  • Lt. N. Balbir Singh Pama – (SBS Chauhan)
Havildar
  • Lt Hv. Krishna Lal Sharma – 13719585 (1 Jat Rifles)
Gunner
  • Gnr. Sujan Singh – 1146819 (14 Field Regiment)
  • Gnr. Pal Singh – 1239603 (181 Lt. Regiment)
  • Gnr. Madan Mohan – 1157419 (94 Mountain Regiment)
  • Gnr. Gyan Chand
  • Gnr. Shyan Singh
Sepoy
  • Sepoy Daler Singh – 2461830 (15 Punjab)
  • Sepoy Jagir Singh – 2459087 (16 Punjab)

Indian Air Force

Wing commander
  • Wg Cdr. Hersern Singh Dandoss – 8160-F(P) (32 Sqn)
Squadron leader
  • Sqn Ldr. Mohinder Kumar Jain – 5327-F(P) (27 Sqn)
  • Sqn Ldr. Jal Manikshaw Mistry – 5006-F(P)
  • Sqn Ldr. Jatinder Das Kumar – 4896-F(P) (3 Sqn)
  • Sqn Ldr. Devaprasad Chatterjee
Flight lieutenant
  • Flt Lt. Sudhir Kumar Goswami – 8956-F(P) (5 Sqn)
  • Flt Lt. Vijay Vasant Tambay – 7662 –F(P) (32 Sqn
  • Flt Lt. Nagaswami Shanker – 9773-F(P) (32 Sqn
  • Flt Lt. Ram Metharam Advani – 7812-F(P) (JBCU)
  • Flt Lt. Manohar Purohit – 10249(N) (5 Sqn)
  • Flt Lt. Tanmaya Singh Dandoss – 8160-F(P) (26 Sqn)
  • Flt Lt. Babul Guha – 5105-F(P)
  • Flt Lt. Suresh Chander Sandal – 8659-F(P) (35 Sqn)
  • Flt Lt. Harvinder Singh – 9441-F(P) (222 Sqn)
  • Flt Lt. LM Sassoon – 7419-F(P) (JBCU)
  • Flt Lt. Kushalpal Singh Nanda – 7819-F(N) (35 Sqn)
  • Flt Lt. Ashok Balwant Dhavale – 9030-F(P) (1 Sqn)
  • Flt Lt. Shrikant C Mahajan – 10239-F(P) (5 Sqn)
  • Flt Lt. Gurdev Singh Rai – 9015-F(P) (27 Sqn)
  • Flt Lt. Ramesh G Kadam – 8404-F(P) (TACDE)
  • Flt Lt. Pradeep Vinayak Apte
Pilots
  • Flg Offr. Krishan L Malkani – 10576-F(P) (27 Sqn)
  • Flg Offr. KP Murlidharan – 10575-F(P) (20 Sqn)
  • Flg Offr. Sudhir Tyagi – 10871-F(P) (27 Sqn)
  • Nav pilot Lt. Cdr. Ashok Roy
  • Plt Offr Tejinder Singh Sethi

 

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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