दिल्ली से अपना कारोबार 20 दिन में समेट ले, जावेद अंसारी, 786 गैंग, सीलमपुर

दिल्ली एनसीआर का यह शायद पहला मामला है, जब मुंबई पर आधारित फिल्मों की तरह किसी ने दिल्ली के एक कारोबारी को धमकाते हुए 20 दिन के अंदर अपना कारोबार समेटने की बात कही है. और तो और, अगर कारोबारी ऐसा नहीं करता तो उसे और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी है.

धमकाने का तरीका भी सुनेंगे तो आपको लगेगा कि ऐसा तो फिल्मों में देखने को मिलता है. दरअसल, गाजियाबाद के विजय नगर के एक कारोबारी का अजमेरी गेट पर मोटर पंप का कारोबार है. उन्हें कुछ दिनों पहले एक शादी के कार्ड के माध्यम से धमकी मिली थी. उनका बेटा जब गली में था तो एक व्यक्ति आया और बेटे को शादी का कार्ड देकर चला गया. बेटे ने जब परिचय पूछा तो वो कुछ नहीं बोला और चलता बना. कार्ड खोलकर देखा तो उसमें एक कागज निकला। इस कागज पर धमकी लिखी हुई थी कि मैं जावेद अंसारी सीलमपुर दिल्ली से बोल रहा हूं। यह काम धंधा बंद कर दिल्ली से गाजियाबाद चला जा हमेशा के लिए, क्योंकि तेरे साथी नहीं चाहते कि तू यहां काम करे। अगर तूने हमारा कहना नहीं माना तो हम तेरी हत्या कर देंगे। यह तेरे पर हमारा एहसान है कि तुझे हम प्यार से कह रहे हैं, क्योंकि हमारे रोजे चल रहे हैं।

इस दौरान हम किसी को मारना नहीं चाहते (जान है तो जहां है), जो लोग तेरे साथ काम करते हैं वो तुझे मरवाना चाहते हैं। तुझे भगाने के हमें आठ लाख रुपये मिलेंगे। जबकि तुझे मारने के 15 लाख रुपये मिलेंगे। अब तू सोच कि तुझे दिल्ली से भागना है कि मरना है। हम जो ठेका लेते हैं उसे पूरा करते हैं। तेरे पीछे फैमिली है। उसे देख और दिल्ली छोड़ दे। अगर तूने बात नहीं मानी तो 20 दिन के अंदर तुझे और तेरे लड़के को जान से मार देंगे। पत्र के अंत में खुदा हाफिज भी लिखा है।

लेटर में उन्होंने अपने गैंग का नाम भी बताया है, जोकि 786 है. इस धमकी के बाद से पूरा परिवार दहशत में है. उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सुरक्षा की भी मांग की है, साथ ही पुलिस ने भी मामले की छानबीन शुरू कर दी है.

जिस कार्ड में वो लेटर आया था, वो कार्ड चांदनी और हैदर खां की शादी का है। कार्ड पर आफताब खां निवासी मोहल्ला केसरवानी, कस्बा फफूंद जिला औरेया का पता लिखा है। शादी की तारीख 19 मई लिखी गई है। लेकिन जावेद अंसारी ने कार्ड के ऊपरी हिस्से पर शादी की तारीख पैन से बदलकर 21 अप्रैल कर रखी है।

त्रिभुवन शर्मा ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी अख़बार "सांध्य टाइम्स" के साथ साल 2013 में की थी. 4 साल अख़बार में हार्डकोर जर्नलिज्म को वक़्त देने के बाद उन्होंने Nightbulb.in को 2018 में लॉन्च किया

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